स्वास्थ्य

Yoga to strengthen digestive system :- भोजन पचने में आ रही दिक्कत तो यह करें योगाासन

Yoga to strengthen digestive system :- शरीर का पाचन तंत्र कमजोर है। तो कुछ योग प्राणायाम करने से यह समस्या दूर हो जाएगी। इससे आपका स्वास्थ भी बेहतर रहेगा।
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Updated: 5 Jun 2021, 1:13 PM IST
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हमारे द्वारा किया गया भोजन अगर ठीक से नहीं पच रहा है। तो हमारा शरीर भी ठीक से काम नहीं कर पाता है। क्योंकि उसे वह उर्जा नहीं मिल पाती है। जो शरीर को मिलना चाहिए। इसलिए अपना पाचन तंत्र मजबूत करने के लिए आपको कुछ Yoga करने होंगे। जिससे आपका पाचन तंत्र मजबूत होगा।

योग से मिलेगा फायदा-

योग हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही फ्लेक्सिबल रखता है। हमारा मन शांत होता है और दिमाग भी ठीक से काम करता है। योग के माध्यम से आप कई प्रकार की समस्याओं और बीमारियों से अपना बचाव कर सकते हैं। आपको अगर पाचन संबंधी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। तो आप उसे ठीक करने के लिए कुछ योग प्राणायाम कर दूर सकते हैं।

आनंद बालासन करें-

पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए आप बालासन करें। इसके लिए आप पीठ के बल लेट जाएं फिर अपने घुटनों को मोड़ते हुए छाती के पास लेकर आएं। अब अपने पैरों के पंजों को हाथों से पकड़ें, इस अवस्था में करीब २० से ३० सैकेंड तक रहें। इस आसन को आप अपनी सुविधा अनुसार २ से ४ बार कर सकते हैं।

पद्मासन करने से मिलेगा लाभ-

पद्मासन के लिए आपको एक क्रॉस लेग्ड स्थिति में चटाई पर बैठना है, इसके बाद आपके पैर एक दूसरे के ऊपर टिके हुए होने चाहिए, वहीं रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए। अपने दोनों हाथ को ज्ञान मुद्रा में घुटनों पर रखें, इसी तरह कुछ मिनट तक रहते हुए सांस लेने और छोडऩे का काम करें, इसे दूसरे पैर की तरफ से भी दोहरा सकते हैं।

शलभासन करें-

आपके शरीर के लिए शलभासन भी एक बेहतर उपाय है। इसके लिए आप एक चटाई पर पेट के बल लेट जाएं, इस दौरान आपकी पीठ ऊपर की ओर रहेगी। पेट नीचे की ओर रहेगा। अब अपने पैरों को सीधा रखे और पैरों के पंजे को सीधे और ऊपर की ओर रखें। दोनों हाथों को सीधा करें और उनको जांघों के नीचे दबा लें। अपने सिर और मुंह को सीधा रखें। अब एक गहरी सांस अंदर की ओर लें। दोनों पैरों को ऊपर की ओर उठाने की कोशिश करें। फिर अधिकतम ऊंचाई तक पैरों को ऊपर करें। आप इस मुद्रा में 20 सैकेंड के लिए रख सकते हैं। इसके बाद सांस छोड़ते हुए पैर नीच लेकर आएं। इस योगासन को ३ से ४ बार अपनी सुविधा अनुसार कर सकते हैं।

बालासन करें-

बालासन करने के लिए आप घुटनों के बल बैठ जाएं। अब पैर की उंगलियों को एक साथ रखें और घुटनों को एक दूसरे से थोड़ा अलग रखें। सांस लेते हुए अपने धड़ को आगे की ओर ले जाएं। अपने पेट को अपनी जांघों पर टिकाएं।
आपका सिर चटाई को छूना चाहिए। अब अपने दोनों हाथों को सामने की ओर फैलाएं।

उत्तानासन करें-

जमीन पर खड़े होकर एक गहरी सांस लेते हुए हाथों को नीचे की ओर ले आएं।
आपके पैर सीधे रहने चाहिए। अब कूल्हों को ऊपर उठाएं, ताकि पूरा दबाव जांघों पर आए, अपने हाथों से टखने को पीछे की ओर से पकड़े कुछ देर इसी मुद्रा में रहते हुए सामान्य मुद्रा में आ जाएं, अब अपनी सुविधा अनुसार दो से चार बार तक दोहराएं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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