कोरोना वायरस की वैक्सीन आने से पहले इससे जुड़ी सलाह जारी। स्पुतनिक-5 वैक्सीन को लेकर रूसी अधिकारियों ने दी है सलाह। शराब न पीने के पीछे इम्यूनिटी को मजबूत बनाना है इसका मकसद।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस की स्पुतनिक-5 वैक्सीन की खुराक मिलने के बाद रूसी अधिकारियों द्वारा दो महीने तक शराब के सेवन से परहेज करने की सलाह दी गई है। यह सलाह दिए जाने के बाद अब भारत में भी गुरुवार को स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि यह कोविड-19 के मरीजों के लिए एक निवारक उपाय है।
इस संबंध में जारी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के मुताबिक अल्कोहल के सेवन के खिलाफ जारी की गई निषेधाज्ञा का मकसद प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यूनिटी सिस्टम) को मजबूत बनाए रखने से है।
गुरुग्राम में फोर्टिस अस्पताल में न्यूरोलॉजी के प्रमुख और निदेशक डॉ. प्रवीण गुप्ता ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, "रूसी अधिकारियों ने कोरोना वायरस की वैक्सीन लेने वाले मरीजों के लिए कुछ अजीबोगरीब सुझाव जारी किए हैं। इससे शायद कोरोना वायरस के संक्रमण से ज्यादा बचा जा सकेगा।"
डॉ. गुप्ता ने आगे कहा, "या तो उनका (रूसी अधिकारियों) मानना है कि कोरोना वैक्सीन दो महीने बाद जाकर अपना काम शुरू करेगी, या फिर इसकी कोई सटीक व्याख्या नहीं है कि क्यों लोग टीकाकरण के बाद भी इतने लंबे समय तक सावधानी बरत कर रखेंगे।"
दरअसल, आमतौर पर रूस में लोग शराब का सेवन किया करते हैं। ऐसे में इस तरह के किसी निवारक उपाय को अपनाने से यहां की आबादी पर तो प्रभाव पड़ेगा ही, इसके साथ में आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह देश को काफी प्रभावित करेगा। इतना ही नहीं इस घोषणा से वैक्सीन के प्रति लोग की राय भी बदलेगी।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वक्त से कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर गतिविधियां बढ़ गई हैं। देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी तैयारियों और अगले कुछ सप्ताह में टीकाकरण की बात कही है। जबकि रूस की स्पुतनिक-5 वैक्सीन भी भारत में परीक्षण के लिए आ चुकी है।
अलग-अलग वैक्सीन दिए जाने के बाद के इसके प्रभावों को लेकर कई सलाह दी गई हैं। किसी वैक्सीन की प्रभावकारिता के 14 दिन की बात कही गई है तो किसी वैक्सीन की दो खुराक के बाद इसके पूर्ण प्रभाव का दावा किए जाने का परीक्षण जारी है।