Subah Munh Sukhna: अगर आपकी नींद रोजाना सूखे मुंह के साथ खुलती है, तो इसे मामूली प्यास समझकर नजरअंदाज न करें। डॉक्टरों का मानना है कि यह शरीर की किसी दूसरी समस्या का संकेत हो सकता है।
Subah Munh Sukhna: अक्सर हमें लगता है कि रात को पानी कम पिया होगा, इसलिए सुबह मुंह सूख रहा है। लेकिन अगर यह रोज होने लगे, तो यह सिर्फ डिहाइड्रेशन नहीं है। इसके पीछे आपके सोने के तरीके से लेकर सेहत से जुड़ी कुछ दूसरी वजहें भी हो सकती हैं। आइए जानते हैं क्या कहती है रिसर्च।
National Library of Medicine की एक मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, जो लोग रात को मुंह खोलकर सोते हैं या जिन्हें खर्राटे आते हैं, उनमें जेरोस्टोमिया (Xerostomia) यानी मुंह सूखने की समस्या सबसे ज्यादा देखी गई है। रिसर्च यह भी बताती है कि लंबे समय तक मुंह सूखने से दांतों में कैविटी और मसूड़ों की बीमारियां 40% तक बढ़ सकती हैं क्योंकि लार (Saliva) मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करने का काम करती है।
कई लोग सोते समय अनजाने में नाक की जगह मुंह से सांस लेते हैं। अगर आपकी नाक बंद रहती है या साइनस की दिक्कत है, तो आप मुंह से सांस लेंगे। इससे मुंह की लार (थूक) सूख जाती है और सुबह उठते ही मुंह और गला एकदम सूखा हुआ महसूस होता है।
रोजाना मुंह सूखना स्लीप एपनिया का लक्षण हो सकता है। इसमें सोते समय सांस बार-बार रुकती है, जिससे इंसान को मुंह खोलकर सांस लेनी पड़ती है। अगर आपको खर्राटे आते हैं और सुबह उठकर थकान लगती है, तो यह बड़ी वजह हो सकती है।
अगर आप बीपी, डिप्रेशन या एलर्जी की कोई दवाई ले रहे हैं, तो यह भी मुंह सुखा सकती है। बहुत सी दवाइयां ऐसी होती हैं जो शरीर में लार बनने की रफ्तार को कम कर देती हैं, जिससे रात भर में मुंह सूख जाता है।
जिन लोगों को शुगर (डायबिटीज) होती है, उनके शरीर में पानी की कमी जल्दी होती है, जिसका असर सुबह मुंह में दिखता है। इसके अलावा, पेट की एसिडिटी की वजह से भी गला और मुंह सूखा या कड़वा महसूस हो सकता है।
मुंह की लार दांतों को सड़ने से बचाती है। अगर मुंह हमेशा सूखा रहेगा, तो दांतों में कीड़ा लगने और मसूड़ों की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, इससे सांसों में बदबू भी आने लगती है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।