
Ear Whooshing Sound: कभी-कभी बिल्कुल शांत माहौल में या लेटे हुए अचानक कान के अंदर सर-सर या हुश-हुश जैसी आवाज सुनाई देती है। यह आवाज बाहर से नहीं आती, बल्कि दिल की धड़कन के साथ ताल में चलती हुई महसूस होती है। कई लोग इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक यह सिर्फ कान की समस्या नहीं, बल्कि खून की नसों और दिमाग की सेहत से जुड़ा संकेत भी हो सकता है।
डॉक्टर इसे पल्सेटाइल टिनिटस कहते हैं। यह आम टिनिटस (कान में घंटी बजने जैसी आवाज) से अलग होता है, क्योंकि इसमें आवाज खून के बहने की होती है।
शुरुआत में यह आवाज बहुत हल्की होती है और आती-जाती रहती है, इसलिए लोग ध्यान नहीं देते। अक्सर यह आवाज रात में, शांत जगह पर या लेटते समय ज्यादा महसूस होती है। लोग आमतौर पर ये अनुभव बताते हैं:
ज्यादातर मामलों में इसके कारण गंभीर नहीं होते और ठीक किए जा सकते हैं। जब कान के पास खून का बहाव तेज हो जाता है या कान अंदर की आवाजों को ज्यादा साफ पकड़ने लगता है, तब ऐसी आवाज सुनाई देती है। आम कारण हो सकते हैं:
कुछ मामलों में यह आवाज अंदरूनी समस्या की ओर इशारा कर सकती है। गर्दन या दिमाग तक जाने वाली नसों का सिकुड़ना, नसों में गलत कनेक्शन बन जाना, दिमाग के अंदर दबाव बढ़ना, हाई ब्लड प्रेशर, कान के पास नसों से जुड़ी गांठ जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे में जांच जरूरी हो जाती है।
डॉक्टर सबसे पहले आपसे आपकी परेशानी के बारे में सवाल पूछते हैं और फिर कान, गर्दन और ब्लड प्रेशर की जांच करते हैं। जरूरत पड़ने पर सुनने की जांच, गर्दन की नसों का अल्ट्रासाउंड, CT या MRI स्कैन, खून की जांच की जाती है, ताकि पता चल सके कि मामला गंभीर है या नहीं।
कान में दिल की धड़कन जैसी आवाज डराने वाली लग सकती है, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह कंट्रोल की जा सकती है। सही समय पर जांच और थोड़ी सावधानी से न सिर्फ डर कम होता है, बल्कि सेहत को लेकर सही फैसले भी लिए जा सकते हैं।