
Erythema Symptoms: अक्सर लोग त्वचा पर लाल चकत्ते या अचानक आई लाली को मामूली एलर्जी मानकर अनदेखा कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना किसी बाहरी चोट या खरोंच के त्वचा का एकदम लाल हो जाना किसी छिपी हुई बीमारी का संकेत हो सकता है? त्वचा की इस लाली को एरिथेमा (Erythema) कहा जाता है। जब शरीर के भीतर कोई गड़बड़ी, इंफेक्शन या रिएक्शन होता है, तो हमारी नसें और कैपिलरीज (सूक्ष्म रक्त वाहिकाएं) फैल जाती हैं। इससे उस हिस्से में खून का बहाव अचानक बढ़ जाता है और त्वचा पर साफ लाली दिखने लगती है। आइए जानते हैं कि ये क्या होती है? इसके कारण और लक्षण क्या हैं?
ब्रिटानिका (Britannica) के अनुसार, एरिथेमा कोई एक अकेली बीमारी नहीं है, बल्कि शरीर के अंदर चल रही किसी समस्या का बाहरी लक्षण है। एंटीबायोटिक, पेनकिलर या कुछ अन्य दवाओं का रिएक्शन त्वचा पर सबसे पहले लाली के रूप में उभरता है। हर्पीज वायरस, गले में खराश (स्ट्रैप थ्रोअट) या अन्य संक्रामक बीमारियां त्वचा पर इस तरह के लाल चकत्ते पैदा कर सकती हैं। जब शरीर का अपना इम्यून सिस्टम ही स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला करने लगता है, तब भी त्वचा पर बिना चोट के सूजन और लाली आ जाती है। बहुत तेज धूप (UV Rays) में ज्यादा देर रहने से सनबर्न एरिथेमा हो सकता है। किसी कीड़े के काटने या केमिकल के संपर्क में आने से स्थानीय सूजन पैदा होती है।
साइंस डायरेक्ट के मुताबिक, यदि त्वचा पर लाली के साथ-साथ आपको नीचे दिए गए लक्षण भी दिखें, तो बिना देर किए नजदीकी अस्पताल या स्किन स्पेशलिस्ट से संपर्क करें:
त्वचा पर अचानक लाली आना कोई ऐसी बात नहीं है जिसे आप बस गर्मी या साधारण एलर्जी कहकर टाल दें। हमारा शरीर जब भी अंदर से परेशान होता है, तो त्वचा के जरिए हमें इशारा देता है। बिना किसी चोट के लाल चकत्ते पड़ना उसी का एक संकेत है। इसलिए, अगर ऐसा कुछ दिखे तो खुद से डॉक्टर बनने या मनमर्जी से कोई क्रीम लगाने की गलती न करें। समय रहते डॉक्टर को दिखाना और सही कारण का पता लगाना ही सबसे समझदारी भरा कदम है, ताकि किसी भी बड़ी परेशानी से बचा जा सके।