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Alwar: अस्पतालों में मेडिकल उपकरणों के दोबारा इस्तेमाल पर सख्ती; DGHS ने जारी की गाइडलाइन, अलवर में निगरानी की मांग

अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एकल उपयोग वाले चिकित्सा उपकरणों (Single-Use Medical Devices) और डिस्पोजेबल सर्जिकल सामान (Disposable Surgical Supplies) के दोबारा इस्तेमाल पर सख्ती के निर्देश दिए हैं। अलवर के सरकारी और निजी अस्पतालों में भी इन नियमों की पालना और संक्रमण से बचाव के इंतजामों की निगरानी जरूरी है।
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अलवर

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Rajendra Banjara

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Updated: 26 Oct 2026, 12:09 PM IST

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राज्य सरकार को चिकित्सा उपकरणों और डिस्पोजेबल सर्जिकल सामान के दोबारा इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने राज्यों के स्वास्थ्य विभागों को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि एक बार इस्तेमाल के लिए बनाए गए उपकरणों को स्टरलाइज कर दोबारा उपयोग में लेना मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। ऐसे में अलवर में भी अस्पतालों में चिकित्सा उपकरणों के इस्तेमाल और संक्रमण से बचाव के इंतजामों की नियमित निगरानी जरूरी है।

अलवर में सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में पुराने चिकित्सा उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर भी सुरक्षा मानकों पर ध्यान देने की जरूरत है। हालांकि, पुराने उपकरणों का इस्तेमाल अपने आप में नियमों का उल्लंघन नहीं है, बशर्ते वे निर्धारित मानकों के अनुरूप हों और सुरक्षित तरीके से काम कर रहे हों। वहीं, एकल उपयोग वाले उपकरणों को दोबारा इस्तेमाल करना अलग मामला है, जिस पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है।

इन विभागों में ज्यादा जोखिम

डीजीएचएस के अनुसार, कुछ निजी और कॉरपोरेट अस्पतालों में कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी और न्यूरोसर्जरी जैसी महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवाओं में एक बार इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को स्टरलाइज कर दोबारा उपयोग में लेने के मामले सामने आए हैं। इससे मरीजों में संक्रमण फैलने के साथ उपकरणों की कार्यक्षमता घटने और उपचार के दौरान जटिलताएं पैदा होने का खतरा रहता है।

हेपेटाइटिस-एचआइवी संक्रमण का खतरा

महानिदेशालय ने चेताया है कि ऐसे उपकरणों के दोबारा इस्तेमाल से हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, एचआईवी और बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसके अलावा, दोबारा इस्तेमाल किए गए उपकरणों के लिए मरीजों से पूरी कीमत वसूलने की शिकायतें भी चिंता का विषय हैं। इससे मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ चिकित्सा सेवाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल उठते हैं।

नियमों की पालना जरूरी

डीजीएचएस ने स्पष्ट किया है कि एकल उपयोग वाले उपकरणों और डिस्पोजेबल सर्जिकल सामान पर प्रतिबंध सरकारी और निजी सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर लागू होगा। नियमों का उल्लंघन औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940, चिकित्सा उपकरण नियम, 2017 और अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई का आधार बन सकता है। अलवर में भी अस्पतालों के निरीक्षण, संक्रमण नियंत्रण और मरीजों को सुरक्षित इलाज देने के लिए नियमों की नियमित निगरानी महत्वपूर्ण है। ऐसे में तुरंत जांच टीमें गठित कर जिले के सभी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स की जांच शुरू करनी चाहिए, ताकि मरीजों को सुरक्षित इलाज मिल सके।