
Esophageal Cancer: रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर सेहत से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियों को नजरअंदाज कर देते हैं। खासकर जब बात पेट और पाचन की हो, तो गैस, एसिडिटी या खट्टी डकार को बहुत आम मान लिया जाता है। लोग सोचते हैं कि तला-भुखा या मसालेदार खाने से ऐसा हो रहा होगा और एंटासिड खाकर बात टाल देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही मामूली सी लगने वाली खट्टी डकार और गले की जलन कई बार शरीर के अंदर पनप रही एक गंभीर बीमारी का शुरुआती इशारा हो सकती है? इसे एसोफेजियल कैंसर (Esophageal Cancer) यानी फूड पाइप (भोजन नली) का कैंसर कहा जाता है। मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, Esophageal Cancer शुरुआती दौर में कोई बड़े या स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाता है। यही वजह है कि लोग इसे सामान्य एसिडिटी समझकर गलती कर बैठते हैं। आइए जानते हैं कि यह समस्या क्या है और इसके कौन-से लक्षण हैं जिन पर समय रहते ध्यान देना बेहद जरूरी है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, एसोफेजियल कैंसर उस लंबी मस्कुलर नली (एसोफेगस) को प्रभावित करता है जो हमारे गले को पेट से जोड़ती है। हम जो भी खाना या पानी निगलते हैं, वह इसी नली के जरिए पेट तक पहुंचता है। जब इस नली की अंदरूनी दीवारों की कोशिकाओं में असामान्य रूप से बिना नियंत्रण के बढ़ोतरी होने लगती है, तो वे ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। यह कैंसर मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है, एडेनोकार्सिनोमा (जो आमतौर पर लोअर एसोफेगस में होता है) और स्क्वॉमस सेल कार्सिनोमा (जो एसोफेगस के ऊपरी और मध्य हिस्से में होता है)। लंबे समय तक रहने वाली एसिडिटी (GERD) इसके खतरे को काफी ज्यादा बढ़ा देती है।
जब किसी व्यक्ति को क्रोनिक एसिड रिफ्लक्स या जीईआरडी (GERD) की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो पेट का एसिड बार-बार ऊपर फूड पाइप में आता रहता है। इससे फूड पाइप की अंदरूनी परत लगातार जलती और छिलती रहती है, जिसे बैरेट एसोफेगस (Barrett's Esophagus) कहा जाता है। मेयो क्लिनिक की रिपोर्ट बताती है कि यह स्थिति आगे चलकर कैंसर सेल्स में बदल सकती है। इसलिए, यदि आपको लगातार खट्टी डकारें आ रही हैं और सीने या गले में तेज जलन बनी रहती है, तो इसे सिर्फ गैस मानकर टालें नहीं, बल्कि डॉक्टर से इसकी पूरी जांच कराएं।