स्वास्थ्य

Health Tests for Women: 40+ महिलाओं को ये टेस्ट नहीं करने चाहिए नजरअंदाज, गायनेकोलॉजिस्ट ने बताया क्यों जरूरी है समय पर जांच

Health Checkup for Women: 40 की उम्र के बाद महिलाओं को ब्लड शुगर, मैमोग्राफी, थायरॉयड और सर्वाइकल कैंसर जैसी जरूरी जांच नियमित रूप से करानी चाहिए। जानिए डॉ. स्वाति राय से कौन-से टेस्ट हैं जरूरी।
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Updated: 22 May 2026, 5:40 PM IST
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स्त्री रोग संबंधी समस्याओं को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- chatgtp)

Health Checkup for Females: 40 की उम्र पार करने के बाद महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव शुरू होने लगते हैं। इस दौरान छोटी दिखने वाली स्वास्थ्य समस्याएं भी धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकती हैं। इसलिए नियमित स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी हो जाती है।

कंसल्टेंट गायनेकोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी विशेषज्ञ डॉ. स्वाति राय के अनुसार, कई महिलाएं घर और परिवार की जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त रहती हैं कि अपनी सेहत को लगातार नजरअंदाज करती रहती हैं। इसका असर बाद में गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आ सकता है। उन्होंने कहा कि 40 की उम्र के बाद महिलाओं में हार्मोनल बदलाव तेजी से होने लगते हैं। ऐसे में कुछ जरूरी जांच समय पर कराना कई बीमारियों का जल्दी पता लगाने में मदद कर सकता है।

  1. ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच

उम्र बढ़ने के साथ हाई ब्लड प्रेशर और मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। शुरुआत में इनके लक्षण साफ दिखाई नहीं देते, लेकिन लंबे समय तक अनियंत्रित रहने पर यह दिल, किडनी और आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए नियमित जांच जरूरी है।

  1. स्तन जांच और मैमोग्राफी

40 की उम्र के बाद स्तन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। डॉ. स्वाति राय के मुताबिक, समय-समय पर मैमोग्राफी और स्तन जांच कराने से बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है, जिससे इलाज आसान हो जाता है।

  1. सर्वाइकल कैंसर की जांच

महिलाओं को पैप स्मीयर टेस्ट और एचपीवी जांच को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये जांच गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के शुरुआती संकेत पकड़ने में मदद करती हैं। समय पर जांच से इस बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है।

  1. हड्डियों की जांच

40 के बाद महिलाओं में हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, खासकर रजोनिवृत्ति के बाद। शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ा सकती है। ऐसे में बोन डेंसिटी टेस्ट जरूरी हो सकता है।

  1. थायरॉयड जांच

थकान, वजन बढ़ना, बाल झड़ना और मूड में बदलाव जैसी समस्याएं कई बार थायरॉयड से जुड़ी हो सकती हैं। महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है, इसलिए नियमित जांच जरूरी है।

सिर्फ बीमारी नहीं, समय पर बचाव जरूरी

डॉ. स्वाति राय का कहना है कि नियमित जांच का मतलब सिर्फ बीमारी ढूंढना नहीं, बल्कि समय रहते बचाव करना भी है। संतुलित खानपान, नियमित व्यायाम, अच्छी नींद और तनाव कम रखना महिलाओं की सेहत के लिए बेहद जरूरी है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
22 May 2026, 5:40 PM IST
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