स्वास्थ्य

GBS Virus Alert : सावधान! निपाह के बाद अब GBS वायरस की एंट्री, मध्यप्रदेश में हाई अलर्ट जारी!

GBS Virus Alert: निपाह के बाद एक नए वायरस ने देश में एंट्री ले ली है, मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने 2 बच्चों की मौत के बाद हाई अलर्ट जारी कर दिया है। आइए जानते हैं कि यह क्या होता है? इसके लक्षण और बचाव क्या होते हैं?

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Jan 19, 2026
GBS Virus Alert (image- gemini)

GBS Virus Alert: देश से अभी निपाह वायरस का कहर कम भी नहीं हुआ था कि मध्यप्रदेश में अब एक नए वायरस ने एंट्री मार ली है। प्रदेश अभी दूषित पानी से हुई मौतों से उभरा भी नहीं था कि 'जीबीएस' (GBS) नाम के नए वायरस ने हड़कंप मचा दिया है। नीमच में2 मौतोंके बाद मंदसौर जिले में भी अब इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

एक के बाद एक नए वायरस की बढ़ती संख्या हर किसी के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आइए जानते हैं कि यह वायरस क्या होता है? इसके लक्षण क्या हैं? किन राज्यों में हाई अलर्ट जारी हुआ है? इसके बचाव के उपाय क्या हैं?

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क्या होता है GBS Virus?

जीबीएस का पूरा नाम गिलियन-बैरे सिंड्रोम है। यह कोई साधारण संक्रमण नहीं है, यह बेहद खतरनाक संक्रमण होता है। इस वायरस से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) खुद ही अपनी नसों को दुश्मन समझकर उनको खत्म करने लग जाती है। इससे मांसपेशियां बहुत तेजी से कमजोर होने लगती हैं और मरीज बहुत जल्दी ही लकवे (Paralysis) का शिकार हो जाता है।

GBS Virus के लक्षण क्या होते हैं?(GBS Virus Symptoms)

  • पैरों में कमजोरी आना
  • हाथ-पैरों में झनझनाहट होना
  • बोलने में तकलीफ होना
  • पीठ में बहुत तेज दर्द होना
  • सांस लेने में तकलीफ होना

GBS Virus के कारण क्या होते हैं?(GBS Virus Causes)

  • दूषित पानी का सेवन
  • कच्चा भोजन
  • बासी खाना
  • फ्लू या किसी पुराने वायरल बुखार के कारण

GBS Virus से बचाव के उपाय क्या होते हैं?(GBS Treatment and Prevention)

  • पानी को उबालकर पिएं
  • ताजा फल और सब्जियां खाएं
  • स्वच्छता का ध्यान रखें
  • बुखार या कोई इन्फेक्शन हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालिफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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