Gut Health Tips: पोटी का रंग आपकी सेहत का आईना है। जानें भूरा, हरा, पीला, काला या लाल रंग क्या संकेत देता है और कब सतर्क होना जरूरी है।
Gut Health Tips: अक्सर लोग अपनी पोटी (stool) पर ध्यान नहीं देते, लेकिन सच ये है कि आपका पेट आपको हर दिन कुछ न कुछ संकेत देता है। पोटी का रंग देखकर आप आसानी से समझ सकते हैं कि आपकी सेहत अंदर से कैसी है। डॉ. सौरभ सेठी के मुताबिक, स्टूल का रंग नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये आपकी डाइजेशन और हेल्थ का सीधा संकेत देता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि कौन सा रंग क्या बताता है:
अगर आपकी पोटी का रंग भूरा है, तो चिंता की कोई बात नहीं है। ये सबसे सामान्य रंग होता है। ये रंग लिवर से निकलने वाले बाइल (bile) की वजह से आता है और इसका मतलब है कि आपका पाचन सही तरीके से काम कर रहा है।
अगर पोटी हरी दिखे, तो इसका मतलब है कि खाना आपके पेट से जल्दी-जल्दी गुजर रहा है। ऐसे में शरीर को खाना पूरी तरह पचाने का समय नहीं मिल पाता। कई बार हरी सब्जियां ज्यादा खाने से भी ऐसा हो सकता है।
अगर पोटी पीली या ऑयली (चिकनी) दिखे, तो ये संकेत हो सकता है कि आपका शरीर फैट को सही तरीके से नहीं पचा पा रहा। अगर ये बार-बार हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
काली पोटी कभी-कभी पेट या आंत के अंदर ब्लीडिंग का संकेत हो सकती है। इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि कुछ दवाइयों या आयरन सप्लीमेंट्स से भी रंग काला हो सकता है, लेकिन फिर भी जांच जरूरी है।
अगर पोटी में लाल रंग दिखे, तो ये आमतौर पर बवासीर (पाइल्स) या निचले हिस्से में ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है। लेकिन अगर ये लगातार हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
हर बार रंग बदलने पर घबराने की जरूरत नहीं है। कभी-कभी खान-पान या छोटी-मोटी वजह से ऐसा हो सकता है। लेकिन अगर ये बदलाव बार-बार हो या लंबे समय तक बना रहे, तो ये शरीर का चेतावनी संकेत हो सकता है।