H3N2 Symptoms: H3N2 सुपर फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच WHO ने फ्लू वैक्सीन अपडेट की सलाह दी है। जानिए लक्षण, खतरे में कौन और बचाव के जरूरी उपाय।
H3N2 Symptoms: World Health Organization (WHO) ने आने वाले फ्लू सीजन के लिए वैक्सीन को अपडेट करने की सिफारिश की है। वजह है H3N2 वायरस, जिसे कई लोग सुपर फ्लू कह रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में भारत समेत कई देशों में इसके मामले तेजी से बढ़े हैं। यह स्ट्रेन सामान्य फ्लू की तुलना में थोड़ा ज्यादा गंभीर माना जा रहा है।
फ्लू के वायरस बहुत जल्दी-जल्दी अपना रूप बदल लेते हैं। यानी इनमें छोटे-छोटे जेनेटिक बदलाव होते रहते हैं। ऐसे में पहले लगी वैक्सीन या पुराना इन्फेक्शन हर बार पूरी सुरक्षा नहीं दे पाता। इसी कारण विशेषज्ञ हर साल वैक्सीन के फॉर्मूले को रिव्यू करके उसे अपडेट करते हैं। WHO ने कंपनियों को H1N1 (स्वाइन फ्लू) और H3N2 जैसे इन्फ्लुएंजा A वायरस के साथ एक खास इन्फ्लुएंजा B स्ट्रेन को शामिल करने की सलाह दी है।
H3N2 कोई नया वायरस नहीं है। इसे पहली बार 1968 में पहचाना गया था और उसी साल फैले “हांगकांग फ्लू” के लिए जिम्मेदार था। उस महामारी में दुनियाभर में लाखों लोगों की जान गई थी। आज के समय में भी H3N2 हाई फीवर, लगातार खांसी, गले में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण देता है। बुजुर्गों, छोटे बच्चों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में यह ज्यादा गंभीर हो सकता है। कई मामलों में मरीज को अस्पताल में भर्ती भी कराना पड़ सकता है।
ज्यादातर स्वस्थ लोगों में फ्लू कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। लेकिन इन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है:
WHO के मुताबिक हर साल दुनियाभर में करीब 1 अरब लोग फ्लू से संक्रमित होते हैं। इनमें से लाखों मामले गंभीर हो जाते हैं।
भारत में फ्लू वैक्सीन सरकारी यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम का हिस्सा नहीं है, इसलिए यह प्राइवेट अस्पतालों में उपलब्ध होती है। एक डोज की कीमत लगभग 2000 से 2500 रुपये तक हो सकती है। वैज्ञानिक आंकड़ों के अनुसार फ्लू वैक्सीन 50 से 60 प्रतिशत तक असरदार होती है। भले ही यह पूरी सुरक्षा न दे, लेकिन यह गंभीर बीमारी, अस्पताल में भर्ती होने और मौत के खतरे को काफी हद तक कम कर देती है।
वैक्सीन के साथ-साथ ये छोटे-छोटे कदम भी आपको और आपके परिवार को H3N2 जैसे खतरनाक फ्लू से बचाने में मदद कर सकते हैं।