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H3N2 Influenza Symptoms: दिल्ली-एनसीआर में तेजी से फैल रहा H3N2 फ्लू, ये लक्षण दिखें तो तुरंत सावधान

H3N2 Influenza Symptoms: मौसम बदलते ही H3N2 इन्फ्लूएंजा तेजी से फैल रहा है। जानें इसके लक्षण, इलाज और बचाव के जरूरी उपाय। World Health Organisation के अनुसार यह गंभीर सांस संबंधी संक्रमण पैदा कर सकता है।

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भारत

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Dimple Yadav

Feb 18, 2026

H3N2 Influenza Symptoms

H3N2 Influenza Symptoms (Photo- gemini ai)

H3N2 Influenza Symptoms: मौसम बदलते ही बहुत से लोग तेज बुखार, गले में खराश, बदन दर्द, सिर दर्द और कमजोरी जैसी फ्लू जैसी शिकायतों से परेशान हो रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इसके पीछे H3N2 इन्फ्लूएंजा वायरस बड़ा कारण बन रहा है। यह सामान्य फ्लू से थोड़ा ज्यादा असरदार और तेजी से फैलने वाला वायरस माना जा रहा है। कई मरीजों में दवाइयों से जल्दी आराम नहीं मिल रहा और कुछ को सांस लेने में तकलीफ के कारण अस्पताल तक जाना पड़ रहा है।

दिल्ली-एनसीआर में तो हालात ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। कई परिवारों में कम से कम एक सदस्य फ्लू जैसे लक्षणों से बीमार है। खासकर Gurugram, Noida, Faridabad और Ghaziabad में तेजी से संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं।

H3N2 इन्फ्लूएंजा क्या है?

World Health Organisation के अनुसार H3N2 इन्फ्लूएंजा A वायरस का एक प्रकार है, जो सांस से जुड़ा संक्रमण फैलाता है। यह काफी संक्रामक होता है और अचानक तेज बुखार व कमजोरी के साथ शुरू होता है।

इसके आम लक्षण हैं:

  • तेज बुखार (101°F या उससे ज्यादा)
  • लगातार सूखी खांसी
  • पूरे शरीर और मांसपेशियों में दर्द
  • गले में खराश
  • सिर दर्द
  • नाक बहना या बंद होना
  • बहुत ज्यादा थकान
  • ठंड लगना या पसीना आना

कुछ बच्चों में उल्टी, दस्त या जी मिचलाने की समस्या भी हो सकती है। खास बात यह है कि बुखार उतरने के बाद भी खांसी 2-3 हफ्ते तक रह सकती है।

मौसम बदलने से संक्रमण क्यों बढ़ता है?

दिन में गर्मी और रात में ठंड इस तरह के मौसम बदलाव से शरीर जल्दी प्रभावित होता है। साथ ही हवा में धूल, परागकण (पोलन) और प्रदूषण बढ़ने से नाक और फेफड़ों में जलन होती है। जिन लोगों को पहले से अस्थमा, साइनस या एलर्जी की समस्या है, उन्हें सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न या घरघराहट अचानक बढ़ सकती है। कई बार हालत इतनी बिगड़ जाती है कि इमरजेंसी इलाज की जरूरत पड़ जाती है। मौसम बदलने के समय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) भी थोड़ी कमजोर हो जाती है। इसलिए वायरल बुखार, गले का संक्रमण और पेट से जुड़ी बीमारियां ज्यादा होने लगती हैं।

क्या H3N2 का इलाज संभव है?

फ्लू का कोई तुरंत खत्म करने वाला इलाज नहीं होता, लेकिन सही समय पर इलाज शुरू करने से बीमारी जल्दी ठीक हो सकती है और गंभीर होने से बच सकती है। डॉक्टर आमतौर पर ये सलाह देते हैं कि भरपूर आराम करें। ज्यादा पानी और तरल चीजें लें। बुखार और दर्द के लिए दवा लें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर एंटीवायरल दवा दे सकते हैं। ध्यान रखें, एंटीबायोटिक वायरल संक्रमण में काम नहीं करते, जब तक बैक्टीरिया का अलग संक्रमण न हो।

कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?

अगर सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार या हालत बिगड़ती जाए तो तुरंत मेडिकल मदद लें। समय पर इलाज ही सबसे बड़ा बचाव है।