
H3N2 Influenza Symptoms (Photo- gemini ai)
H3N2 Influenza Symptoms: मौसम बदलते ही बहुत से लोग तेज बुखार, गले में खराश, बदन दर्द, सिर दर्द और कमजोरी जैसी फ्लू जैसी शिकायतों से परेशान हो रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इसके पीछे H3N2 इन्फ्लूएंजा वायरस बड़ा कारण बन रहा है। यह सामान्य फ्लू से थोड़ा ज्यादा असरदार और तेजी से फैलने वाला वायरस माना जा रहा है। कई मरीजों में दवाइयों से जल्दी आराम नहीं मिल रहा और कुछ को सांस लेने में तकलीफ के कारण अस्पताल तक जाना पड़ रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में तो हालात ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। कई परिवारों में कम से कम एक सदस्य फ्लू जैसे लक्षणों से बीमार है। खासकर Gurugram, Noida, Faridabad और Ghaziabad में तेजी से संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं।
World Health Organisation के अनुसार H3N2 इन्फ्लूएंजा A वायरस का एक प्रकार है, जो सांस से जुड़ा संक्रमण फैलाता है। यह काफी संक्रामक होता है और अचानक तेज बुखार व कमजोरी के साथ शुरू होता है।
इसके आम लक्षण हैं:
कुछ बच्चों में उल्टी, दस्त या जी मिचलाने की समस्या भी हो सकती है। खास बात यह है कि बुखार उतरने के बाद भी खांसी 2-3 हफ्ते तक रह सकती है।
दिन में गर्मी और रात में ठंड इस तरह के मौसम बदलाव से शरीर जल्दी प्रभावित होता है। साथ ही हवा में धूल, परागकण (पोलन) और प्रदूषण बढ़ने से नाक और फेफड़ों में जलन होती है। जिन लोगों को पहले से अस्थमा, साइनस या एलर्जी की समस्या है, उन्हें सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न या घरघराहट अचानक बढ़ सकती है। कई बार हालत इतनी बिगड़ जाती है कि इमरजेंसी इलाज की जरूरत पड़ जाती है। मौसम बदलने के समय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) भी थोड़ी कमजोर हो जाती है। इसलिए वायरल बुखार, गले का संक्रमण और पेट से जुड़ी बीमारियां ज्यादा होने लगती हैं।
फ्लू का कोई तुरंत खत्म करने वाला इलाज नहीं होता, लेकिन सही समय पर इलाज शुरू करने से बीमारी जल्दी ठीक हो सकती है और गंभीर होने से बच सकती है। डॉक्टर आमतौर पर ये सलाह देते हैं कि भरपूर आराम करें। ज्यादा पानी और तरल चीजें लें। बुखार और दर्द के लिए दवा लें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर एंटीवायरल दवा दे सकते हैं। ध्यान रखें, एंटीबायोटिक वायरल संक्रमण में काम नहीं करते, जब तक बैक्टीरिया का अलग संक्रमण न हो।
अगर सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार या हालत बिगड़ती जाए तो तुरंत मेडिकल मदद लें। समय पर इलाज ही सबसे बड़ा बचाव है।
Published on:
18 Feb 2026 12:28 pm
