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Peripheral Artery Disease symptoms: पैरों में दर्द को समझ रहे हैं सामान्य? हो सकता है ब्लॉक आर्टरी का संकेत!

Peripheral Artery Disease symptoms: पैरों में दर्द, ठंडापन या झनझनाहट ब्लॉक आर्टरी का संकेत हो सकता है। जानिए खराब ब्लड सर्कुलेशन के लक्षण, जोखिम और कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है।

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भारत

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Dimple Yadav

Feb 18, 2026

Peripheral Artery Disease symptoms

Peripheral Artery Disease symptoms (photo- gemini ai)

Peripheral Artery Disease symptoms: जब पैरों में दर्द या ऐंठन होती है तो ज्यादातर लोग आराम कर लेते हैं या दर्द की दवा खा लेते हैं। लेकिन बहुत कम लोग यह सोचते हैं कि इसके पीछे कोई गंभीर वजह भी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार पैरों में दर्द ब्लॉक हुई धमनियों (आर्टरी) का संकेत हो सकता है, जो आगे चलकर दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ा सकता है।

वेस्कुलर सर्जन Dr. Sumit Kapadia के मुताबिक खराब ब्लड सर्कुलेशन अब सिर्फ बुजुर्गों की समस्या नहीं रही। आजकल कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। जो लोग लंबे समय तक बैठे रहते हैं, उनमें भी आर्टरी को नुकसान हो सकता है। उन्होंने YouTube पर बताया कि हमारी धमनियां उम्र नहीं, बल्कि ब्लड फ्लो पर निर्भर करती हैं।

एक पैर ज्यादा ठंडा लगना

अगर आपका एक पैर या पैर का तलवा दूसरे से ज्यादा ठंडा महसूस हो, तो यह खराब ब्लड सर्कुलेशन का शुरुआती संकेत हो सकता है। जब धमनियां ब्लॉक होती हैं, तो गर्म और ऑक्सीजन वाला खून पैरों तक सही से नहीं पहुंचता। इससे पैर ठंडे या सफेद दिख सकते हैं।

समय के साथ ये लक्षण भी दिख सकते हैं:

  • सुन्नपन
  • कमजोरी
  • दोनों पैरों के तापमान में फर्क
  • डायबिटीज या स्मोकिंग करने वालों में यह खतरा ज्यादा होता है।

चलने पर दर्द, रुकने पर आराम

अगर पैरों में दर्द सिर्फ चलते समय होता है और रुकते ही ठीक हो जाता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह संकेत हो सकता है कि मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही। सीढ़ियां चढ़ते समय दर्द, ऐंठन या भारीपन महसूस होना भी शुरुआती चेतावनी हो सकती है।

त्वचा में बदलाव भी दे सकता है संकेत

धमनियों के ब्लॉक होने का असर पैरों की त्वचा पर भी दिख सकता है। जैसे त्वचा का पीला या नीला दिखना, त्वचा का चमकदार या बहुत पतला होना, पैरों के बाल कम होना, नाखून मोटे होना, त्वचा शरीर का आईना होती है। अगर खून सही से नहीं पहुंचता, तो त्वचा तुरंत बदलाव दिखाने लगती है। अगर त्वचा नीली, बैंगनी या काली पड़ने लगे तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।

झनझनाहट और सुन्नपन

अक्सर लोग झनझनाहट को नसों की समस्या मानते हैं, लेकिन यह कम ब्लड फ्लो की वजह से भी हो सकता है। जब मांसपेशियों और त्वचा को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो सुई चुभने जैसी फीलिंग होने लगती है।

यह समस्या क्यों गंभीर है?

पैरों की धमनियां ब्लॉक होना सिर्फ पैरों की समस्या नहीं है। यह पूरे शरीर की धमनियों में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।
इसके बड़े जोखिम कारक हैं। स्मोकिंग, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, लंबे समय तक बैठे रहना शामिल है। अगर समय पर इलाज न कराया जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है और सर्जरी तक की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए अगर पैरों में लगातार दर्द, ठंडापन या झनझनाहट हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से जांच जरूर कराएं। समय पर पहचान ही सबसे बड़ा बचाव है।