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H3N2 Virus: अचानक बढ़ा फ्लू का कहर! रोज 50 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे अस्पताल, जानें किन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा!

H3N2 Virus: बेंगलुरु में मौसम बदलते ही फ्लू और सांस की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। H3N2 वैरिएंट से बुजुर्ग और बच्चे ज्यादा प्रभावित।

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भारत

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Dimple Yadav

Jan 01, 2026

H3N2 Virus

H3N2 Virus (photo- gemini ai)

H3N2 Virus: जैसे-जैसे मौसम ठंडा हो रहा है, बेंगलुरु में मौसमी फ्लू और सांस से जुड़ी बीमारियों के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सरकारी और निजी, दोनों तरह के अस्पतालों में सर्दी-खांसी, बुखार और सांस की दिक्कत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या साफ तौर पर बढ़ी है। डॉक्टरों का कहना है कि इसका मुख्य कारण बदलता मौसम है दिन में गर्मी और रात में ठंड।

क्या है मौसमी फ्लू?

मौसमी फ्लू एक वायरल संक्रमण है, जो छींक-खांसी की बूंदों या दूषित सतहों को छूने से फैलता है। आमतौर पर यह बीमारी 5 से 7 दिनों में अपने-आप ठीक हो जाती है, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों और लंबे समय से दवाएं (जैसे स्टेरॉयड) लेने वालों के लिए यह गंभीर रूप ले सकती है। ऐसे लोगों को कई बार अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत भी पड़ सकती है।

अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की भीड़

सरकारी अस्पतालों के ओपीडी में इन दिनों मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। विक्टोरिया अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, डायबिटीज, एलर्जी और दिल की बीमारी वाले लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल में आने वाले करीब 40 प्रतिशत मरीजों की उम्र 65 साल से ज्यादा है।

दिख रहे हैं ये लक्षण

डॉक्टरों के मुताबिक, ज्यादातर मरीजों में पहले 1-2 दिन हल्का बुखार आता है। इसके बाद खांसी, सीने में जकड़न, नाक बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टर से संपर्क करें, भले ही यह फ्लू का सामान्य मौसम ही क्यों न हो।

रोज 50 से ज्यादा मरीज

राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट डिजीज में रोज 50 से ज्यादा मरीज सीओपीडी और दूसरी छाती की बीमारियों के साथ इलाज के लिए आ रहे हैं। यहां आने वाले कई मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है, खासकर वे लोग जिन्हें पहले से सांस की बीमारी या दूसरी गंभीर समस्याएं हैं।

निजी अस्पतालों में भी वही हाल

निजी अस्पतालों में भी फ्लू और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में उतार-चढ़ाव, भीड़भाड़ वाली जगहें और बंद कमरों में ज्यादा समय बिताना संक्रमण को तेजी से फैलाने में मदद कर रहा है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर ज्यादा दिख रहा है।

कौन-सा वायरस ज्यादा फैल रहा है?

फेफड़ों के विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय H3N2 वैरिएंट ज्यादा फैल रहा है। सुबह के समय ठंड बढ़ना, साल के अंत में यात्राएं और सामाजिक कार्यक्रम वायरस को फैलने का मौका दे रहे हैं।

डॉक्टरों की सलाह

डॉक्टरों ने कहा है कि अगर बुखार लंबे समय तक रहे। सांस लेने में तकलीफ हो, सीने में दर्द महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। साथ ही, बिना जरूरत एंटीबायोटिक दवाएं न लें, क्योंकि ये वायरल बीमारियों में असरदार नहीं होतीं। सावधानी, समय पर इलाज और जागरूकता ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।