
Turmeric Side Effects: उम्र के साथ दांतों का पीला होना बहुत आम बात है। कई लोग रोज ब्रश करते हैं, फ्लॉस करते हैं, फिर भी दांतों पर पीले या हल्के नारंगी दाग दिखने लगते हैं। कैलिफोर्निया के मशहूर डेंटिस्ट डॉ. मार्क बर्हेने, जिनका लगभग 40 साल का अनुभव है, इसके पीछे एक चौंकाने वाली वजह बताते हैं, हल्दी (टर्मरिक)।
डॉ. बर्हेने के मुताबिक, हल्दी के कारण दांतों पर पीले-नारंगी दाग पड़ सकते हैं। लेकिन उनका कहना है कि दांतों के दाग असली समस्या नहीं हैं। असली सवाल यह है कि हम हल्दी को गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं।
डॉ. बर्हेने कहते हैं कि हल्दी कोई वेलनेस ट्रेंड नहीं है, बल्कि यह सदियों से सूजन (inflammation) कम करने का आसान और सुरक्षित तरीका रही है। चाहे मसूड़ों से खून आना हो, शरीर में सूजन हो या एलर्जी हल्दी मदद कर सकती है। सूजन सिर्फ जोड़ों की नहीं होती, बल्कि यह धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर करती है। और इसका इलाज हमारी रसोई में ही मौजूद है।
समस्या हल्दी में नहीं, बल्कि हल्दी को लेने के तरीके में है। डॉ. बर्हेने के अनुसार, आजकल लोग हल्दी कैप्सूल या हल्दी वाली चाय पर ज्यादा भरोसा करने लगे हैं, जबकि ये तरीके ज्यादातर बेकार साबित होते हैं। हल्दी में मौजूद एक खास तत्व होता है करक्यूमिन, जो सूजन कम करने में मदद करता है। लेकिन शरीर इसे आसानी से सोख नहीं पाता। जब तक करक्यूमिन को काली मिर्च (पिपेरिन) या चर्बी (फैट) के साथ न लिया जाए, तब तक इसका कोई खास फायदा नहीं होता।
डॉ. बर्हेने बताते हैं कि कई हल्दी सप्लीमेंट में करक्यूमिन की मात्रा बहुत कम होती है। कुछ में सीसा (lead) या बेकार फिलर्स मिले होते हैं। ऑनलाइन साइट्स पर मिलने वाले कई ब्रांड भरोसेमंद नहीं होते। बिना जांचे सप्लीमेंट लेने से फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो सकता है। वहीं हल्दी वाली चाय में तो करक्यूमिन लगभग ना के बराबर होता है। फायदा पाने के लिए दिन में दर्जनों कप पीने पड़ेंगे, जो संभव नहीं है।
अगर सच में हल्दी का फायदा चाहिए, तो हल्दी को हमेशा घी, तेल या दूध जैसी हेल्दी फैट के साथ लें। इसके साथ काली मिर्च जरूर मिलाएं, ताकि शरीर करक्यूमिन को सोख सके। अगर सप्लीमेंट लेते हैं, तो वही लें जो थर्ड पार्टी टेस्टेड हों।