
Health News in Hindi: कोरोना संक्रमण के मामलों में वृद्धि के साथ ही टीकाकरण को भी गति दे दी गई है। टीकाकरण के पश्चात व्यक्ति को कोरोना संक्रमण का खतरा बेहद कम होता है। कोरोना की दूसरी लहर में सबसे ज्यादा मृत्यु खून के थक्के जमने से हुई है। वैक्सीन लगने के बाद खून का थक्का जमने की अफवाह से भी लोग आशंकित है। हालांकि विशेषज्ञों साफ़ कर दिया है कि टीके के बाद खून का थक्का जमने का जोखिम बहुत कम होता है। वैक्सीन की पहली डोज़ के बाद रक्त के थक्के का जोखिम 55,000 लोगों में से एक व्यक्ति में है। जबकि सेकंड डोज के बाद रक्त के थक्के का जोखिम 600,000 में से एक में है। वैक्सीन के बाद खून के थक्के जमने पर मौत का जोखिम भी बहुत कम है।
Blood clotting symptoms in hindi
- लगातार सिरदर्द होना
-टीकाकरण के बाद चार दिन तक लगातार धुंधला दिखाई देना
- पैरों में सूजन और सांस लेने मे दिक्क्त
- पेट दर्द और टीका लगने के स्थान पर निशान बनना
Blood clotting effects
कोविड-19 वैक्सीन लेने के बाद यदि रक्त के थक्के बनते हैं तो वह बहुत गंभीर हो सकते हैं। लेकिन इसका इलाज संभव है, इसलिए लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
अलग-अलग कंपनी के नहीं ले दोनों डोज़
कनाडा स्थित मैकमास्टर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक एक ही कंपनी के दोनों खुराक लेने वालों में खून का थक्का जमने के मामले न के बराबर होते है। इसलिए टीका लगने के दौरान इस बात का ध्यान जरूर रखें की एक ही कंपनी का टीक लगवाएं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने दूर किया था भ्रम
टीकाकरण के बाद कई देशों में खून के थक्के जमने के मामले आने के बाद ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को रोक दिया है। भारत में भी इस वैक्सीन का इस्तेमाल हो रहा है, जिसे कोविशील्ड के नाम से जाना जाता है। इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक पैनल से इसकी जांच कराई थी। मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि भारत में वैक्सीन के दौरान खून निकलने और थक्के जमने के मामले बेहद कम आए हैं।
Web Title: Health News in Hindi: blood clotting symptoms in hindi