
Lipid Panel Test Benifits Hindi: आजकल की भागदौड़ वाली जिंदगी और खराब खान-पान की वजह से दिल की बीमारियां बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। कई बार लोग सोचते हैं कि हार्ट अटैक अचानक से आ जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है। हमारा शरीर इसके होने से पहले ही कुछ न कुछ इशारे देने लगता है।
अगर इन इशारों को समय रहते पहचान लिया जाए और एक जरूरी ब्लड टेस्ट करवा लिया जाए, तो इस बड़े खतरे को टाला जा सकता है। इस टेस्ट को लिपिड पैनल (Lipid Panel) या लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कहते हैं। आइए क्लीवलैंड क्लिनिक और जॉन्स हॉपकिंस मेडिसिन से जानते हैं कि हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण क्या हैं और यह टेस्ट आपको कब करवाना चाहिए।
दिल का दौरा पड़ने से पहले हमारा शरीर कुछ ऐसी दिक्कतें दिखाता है जिन्हें कभी भी मामूली समझकर टालना नहीं चाहिए;
लिपिड पैनल एक साधारण सा ब्लड टेस्ट है, जो आपके खून में मौजूद फैट (वसा) और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को मापता है। इस टेस्ट से आपके खून में कुल मिलाकर कितना कोलेस्ट्रॉल है का पता चलता है। LDL (बुरा कोलेस्ट्रॉल) जिसको बैड कोलेस्ट्रॉल कहते हैं। अगर यह खून में ज्यादा बढ़ जाए, तो दिल की नसों में जमा होकर उन्हें ब्लॉक कर देता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) यानि गुड कोलेस्ट्रॉल कहते हैं, नसों में जमे बुरे कोलेस्ट्रॉल को साफ करने का काम करता है, जिससे हमारा दिल सुरक्षित रहता है। ट्राइग्लिसराइड्स एक तरह का फैट होता है जो हमारे खाने से बनता है। इसका लेवल बढ़ना भी दिल की सेहत के लिए ठीक नहीं है।
1. 20 साल या उससे ज्यादा उम्र होने पर- क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, 20 साल की उम्र पार करने के बाद हर इंसान को हर 4 से 6 साल में कम से कम एक बार अपना लिपिड प्रोफाइल टेस्ट जरूर करवा लेना चाहिए। यदि आपके माता-पिता, भाई-बहन या खानदान में किसी को कम उम्र में ही हार्ट अटैक या हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या रही हो, तो आपको यह टेस्ट डॉक्टर से पूछकर जल्दी-जल्दी कराना चाहिए।
2. बीमारियों से पीड़ित होने पर- अगर आपको डायबिटीज (शूगर), हाई ब्लड प्रेशर (BP) की बीमारी है, या आपका वजन बहुत ज्यादा है, तो दिल को सेफ रखने के लिए साल में कम से कम एक बार यह टेस्ट बहुत जरूरी है। जो लोग सिगरेट-तंबाकू पीते हैं, शारीरिक मेहनत या कसरत बिल्कुल नहीं करते, या बहुत ज्यादा तला-भुना और बाहर का खाना खाते हैं, उन्हें इस टेस्ट को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।