Diabetes Self Monitoring: डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए घर पर ब्लड शुगर सही तरीके से चेक करना जरूरी है। जानें स्टेप-बाय-स्टेप सही तरीका, आम गलतियां और एक्सपर्ट की सलाह जिससे आपको मिले सही रीडिंग।
Diabetes Self Monitoring: डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी होता है। अगर शुगर लंबे समय तक ज्यादा रहती है, तो दिल की बीमारी, किडनी डैमेज, नसों की कमजोरी और आंखों की रोशनी पर असर पड़ सकता है। वहीं अगर शुगर बहुत कम हो जाए, तो चक्कर आना, कंफ्यूजन या बेहोशी जैसी समस्या भी हो सकती है। इसलिए ब्लड शुगर को सही रेंज में रखना सेहत के लिए बेहद जरूरी है।
डायबिटीज मैनेजमेंट का सबसे अहम हिस्सा है रोज ब्लड शुगर मॉनिटर करना। इससे आपको पता चलता है कि कौन सा खाना, एक्सरसाइज या दवा आपके शरीर पर कैसा असर डाल रही है। समय के साथ आप पैटर्न समझ पाते हैं और डॉक्टर भी उसी हिसाब से इलाज में बदलाव कर सकते हैं।
Dr. Vaibhav Singhal, बताते हैं कि घर पर शुगर चेक करना आसान है, बस सही तरीका अपनाना जरूरी है। सबसे पहले अपने हाथ साबुन और गुनगुने पानी से धो लें और अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद ग्लूकोमीटर में नई टेस्ट स्ट्रिप लगाएं। एक नई लैंसेट से उंगली के साइड में हल्का सा प्रिक करें (बीच में नहीं, क्योंकि ज्यादा दर्द हो सकता है)। अब उंगली से निकली खून की छोटी बूंद टेस्ट स्ट्रिप पर लगाएं और मशीन में रीडिंग आने का इंतजार करें। रीडिंग को तारीख और समय के साथ नोट जरूर करें। ब्लड शुगर की सही रेंज जानने के लिए डॉक्टर या American Diabetes Association की गाइडलाइन फॉलो करें, ताकि आपको पता रहे कि फास्टिंग और खाने के बाद शुगर कितनी होनी चाहिए।
कई छोटी गलतियां रीडिंग को गलत बना सकती हैं, जैसे-
इसके अलावा ग्लूकोमीटर की बैटरी और कैलिब्रेशन भी समय-समय पर चेक करते रहें। लैंसेट की सही डेप्थ सेटिंग भी जरूरी है, वरना या तो खून नहीं निकलेगा या ज्यादा दर्द होगा।
हर दिन एक ही समय पर शुगर चेक करें, जैसे खाली पेट या खाने के बाद। इससे आपको सही तुलना और पैटर्न समझने में मदद मिलेगी।
अगर डायबिटीज को सही तरीके से मैनेज करना है, तो नियमित जांच, सही तरीका और सावधानी बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप ब्लड शुगर को बेहतर कंट्रोल में रख सकते हैं और गंभीर समस्याओं से बच सकते हैं। नियमित मॉनिटरिंग ही स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की कुंजी है।