Hot Shower in Winter Risk: बंद बाथरूम में गैस गीजर से नहाना पड़ सकता है भारी। कार्बन मोनोऑक्साइड गैस कैसे बना रही है लोगों को बेहोश, जानिए डॉक्टर की चेतावनी और बचाव के आसान उपाय।
Hot Shower in Winter Risk: सर्दियों में गर्म पानी से नहाने का मजा ही कुछ और होता है। ठंड में जैसे ही गर्म शॉवर शरीर पर गिरता है, सारी ठिठुरन दूर हो जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह रोज का लगने वाला मासूम रूटीन कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकता है?
महाराष्ट्र के जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सिकंदर अदवानी ने अपने X (ट्विटर) अकाउंट पर एक ऐसा ही डरावना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि एक दिन उनके पास OPD में दो मरीज आए, और दोनों ही अपने बाथरूम में बेहोश हालत में पाए गए थे। हैरानी की बात यह थी कि दोनों ने बंद बाथरूम में गर्म पानी से नहाया था और दोनों के बाथरूम में गैस गीजर लगा हुआ था।
डॉ. सिकंदर ने साफ बताया कि मरीज गैस की बदबू की वजह से बेहोश नहीं हुए थे। असली खतरा था कार्बन मोनोऑक्साइड गैस (CO)। बंद बाथरूम में गैस गीजर चलने से यह गैस धीरे-धीरे भर गई और किसी को भनक तक नहीं लगी।
कार्बन मोनोऑक्साइड न तो रंगहीन होती है, न ही इसकी कोई तेज गंध होती है। इसलिए यह बिना चेतावनी के शरीर में असर करने लगती है। यह गैस खून में मौजूद हीमोग्लोबिन से ऑक्सीजन की तुलना में कहीं ज्यादा मजबूती से चिपक जाती है। नतीजा यह होता है कि शरीर के जरूरी अंगों, खासकर दिमाग और दिल तक ऑक्सीजन पहुंचना कम हो जाता है। जब दिमाग को ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो इंसान चक्कर खाकर बेहोश हो सकता है।
डॉ. सिकंदर के मुताबिक, दोनों मरीजों में कार्बन मोनोऑक्साइड के ये आम लक्षण दिखे:
अक्सर लोग इन लक्षणों को ठंड, थकान या लो ब्लड प्रेशर समझकर नज़रअंदाज कर देते हैं, जो बहुत खतरनाक हो सकता है।
अगर नहाते समय या बाथरूम में आपको ऐसा कुछ महसूस हो:
अगर आप गैस गीजर इस्तेमाल करते हैं, खासकर सर्दियों या सुबह के समय, तो बाथरूम में अच्छी वेंटिलेशन होना बहुत जरूरी है। एग्जॉस्ट फैन लगवाएं, पूरी तरह बंद बाथरूम में गीजर न चलाएं और समय-समय पर गीजर की जांच कराते रहें। याद रखें, थोड़ी-सी सावधानी आपको और आपके परिवार को एक बड़े हादसे से बचा सकती है।