स्वास्थ्य

Hrithik Roshan: इस खतरनाक बीमारी के शिकार थे ऋतिक रोशन! अभी जानें क्या होती है Scoliosis

Hrithik Roshan: बॉलीवुड के 'ग्रीक गॉड' ऋतिक रोशन बहुत जल्दी 52 साल के होने वाले हैं। उन्हें देखकर लगता नहीं है न कि उनको कभी कोई इतनी गंभीर बीमारी हुई होगी जो इनका करियर रोक देगी। आइए जानते हैं ऋतिक रोशन की खतरनाक बीमारी के बारे में और इसके कारण और बचाव।

2 min read
Jan 09, 2026
Hrithik Roshan
Hrithik Roshan (image- @insta hritikroshan)

Hrithik Roshan: बॉलीवुड के 'ग्रीक गॉड' ऋतिक रोशन जल्द ही 52 साल के होने वाले हैं, लेकिन कभी आपको उनको देखकर लगा है कि वह इतने खिले हुए, तंदरुस्त दिखने वाले और इतने ज्यादा प्रसिद्ध एक्टर कभी ऐसी बीमारी का शिकार हुए होंगे जब उन्हें डॉक्टर्स ने यह तक कह दिया था कि अब वह कभी डांस या एक्शन नहीं कर पाएंगे। जहाँ से अपना करियर शुरू करना था, वहीं 21 साल की उम्र में इतनी बडी बीमारी हुई और वह बीमारी है स्कोलियोसिस (Scoliosis)। लेकिन अपनी दृढ इच्छा शक्ति और निश्चय से एक बेहतरीन डांसर के साथ वे एक बहुत अच्छे एक्टर भी बने और अपनी एक्टिंग से लोगों का दिल जीता। आइए जानते हैं कि स्कोलियोसिस (Scoliosis) क्या होती है? इस बीमारी के लक्षण क्या होते हैं? इसके कारण और बचाव के उपाय क्या होते हैं?

स्कोलियोसिस (Scoliosis) क्या होती है?

सामान्य मनुष्य की रीढ की हड्डी देखने में सीधी दिखाई देती है। लेकिन कई व्यक्तियों की रीढ असामान्य होकर S या C आकार का झुकाव ले लेती है, यही स्थिति स्कोलियोसिस (Scoliosis) कहलाती है। यह स्थिति बहुत ज्यादा दर्दनाक होती है, इसमें व्यक्ति डांस करना तो दूर, हिल भी नहीं सकता है। यह झुकाव हल्का भी हो सकता है और कई स्थितियों में यह ज्यादा गंभीर हो जाता है।

स्कोलियोसिस (Scoliosis) के कारण क्या होते हैं?(Scoliosis Cause)

  • मांसपेशियों या तंत्रिकाओं की बीमारियों के कारण
  • कुछ लोगों में यह जन्मजात भी होती है
  • रीढ की हड्डी में चोट लगने के कारण भी यह बीमारी होती है
  • इस बीमारी का परिवार में इतिहास भी इसको ट्रिगर करता है

स्कोलियोसिस (Scoliosis) के लक्षण क्या होते हैं?(Scoliosis Symptoms)

  • दोनों कंधों में असमानता
  • कमर का बहुत ज्यादा झुक जाना
  • पीठ का बाहर की तरफ उभरना
  • कमर में लगातार बहुत तेज दर्द होना

स्कोलियोसिस (Scoliosis) से बचाव के उपाय?(Scoliosis Prevention)

  • एक्सपर्ट की सलाह से फिजियोथेरेपी लें
  • नियमित योग और व्यायाम करें
  • उठने और बैठने के सही तरीके अपनाएं
  • बहुत ज्यादा दिक्कत हो तो डॉक्टर को दिखाएं

डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालिफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से न आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
09 Jan 2026 11:03 am