स्वास्थ्य

Hyponatremia: खून में Sodium का स्तर 135 mmol/L से नीचे जाए तो हो सकती है हाइपोनेट्रेमिया, मेयो क्लिनिक से जानें इसके संकेत

Hyponatremia Cause: खून में सोडियम का स्तर कम होना खतरनाक हो सकता है! मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें हाइपोनेट्रेमिया (Hyponatremia) के लक्षण, कारण, जोखिम और इससे बचाव के आसान उपाय।
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Sep 18, 2026
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हाइपोनेट्रेमिया क्या होता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Hyponatremia Prevention: हम अक्सर अपनी डाइट में नमक कम या ज्यादा करने की बातें सुनते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे खून में नमक यानी सोडियम की सही मात्रा होना शरीर के लिए कितना जरूरी है? सोडियम हमारे शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने, नसों को ठीक से काम करने देने और मांसपेशियों को एक्टिव रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, जब खून में सोडियम का लेवल 135 mmol/L (मिलीमोल प्रति लीटर) से नीचे गिर जाता है, तो इस मेडिकल स्थिति को हाइपोनेट्रेमिया (Hyponatremia) कहा जाता है। आसान शब्दों में कहें तो यह शरीर में सोडियम की कमी होने की बीमारी है। जब सोडियम कम होता है, तो शरीर के सेल्स (कोशिकाओं) में पानी की मात्रा बढ़ने लगती है और उनमें सूजन आ जाती है। मस्तिष्क (दिमाग) की कोशिकाओं में सूजन आना ज्यादा खतरनाक माना जाता है। आइए समझते हैं कि यह समस्या क्यों होती है और इसके लक्षण क्या हैं।

क्यों जरूरी है सोडियम और कैसे कम हो जाता है इसका स्तर?

सोडियम हमारे शरीर का एक मुख्य इलेक्ट्रोलाइट (Electrolyte) है। यह शरीर में पानी की मात्रा को कंट्रोल करता है। जब शरीर में पानी का बैलेंस बिगड़ जाता है यानी या तो पानी बहुत ज्यादा बढ़ जाता है या सोडियम बहुत कम हो जाता है तो हाइपोनेट्रेमिया की शिकायत होती है। इसके पीछे कई आम और डॉक्टरी वजहें हो सकती हैं;

  • बहुत ज्यादा पानी पीना।
  • उल्टी या दस्त होना।
  • ब्लड प्रेशर या शरीर की सूजन कम करने के लिए दी जाने वाली पेशाब बढ़ाने वाली दवाइयां (Diuretics)।
  • किडनी, लीवर या दिल की बीमारी
  • हार्मोनल असंतुलन।

हाइपोनेट्रेमिया के मुख्य लक्षण

जब खून में सोडियम का स्तर धीरे-धीरे गिरता है, तो शुरुआत में इसके लक्षण हल्के महसूस होते हैं। लेकिन अगर यह अचानक या बहुत तेजी से गिर जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। इसके मुख्य संकेतों में ये शामिल हैं;

  • जी मिचलाना और उल्टी होना।
  • तेज सिरदर्द।
  • सुस्ती और बहुत ज्यादा थकान।
  • मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी।
  • चिड़चिड़ापन और उलझन (Brain Fog)।
  • दौरे पड़ना या बेहोशी।

किन लोगों को रहता है इसका ज्यादा खतरा?

  • बुजुर्ग लोग।
  • एथलीट्स और वर्कआउट करने वाले।
  • गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन के शिकार लोग।

इससे बचाव और इलाज कैसे करें?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, हाइपोनेट्रेमिया का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि सोडियम किस वजह से कम हुआ है। बहुत ज्यादा पानी पीने से बचें और जब भी भारी वर्कआउट करें या पसीना ज्यादा बहे, तो पानी के साथ-साथ ओआरएस (ORS) या नारियल पानी जैसी इलेक्ट्रोलाइट वाली चीजें लें। अगर आप बीपी या वाटर पिल्स (Diuretics) ले रहे हैं, तो समय-समय पर अपना सोडियम लेवल (Blood Test) चेक कराते रहें। अगर किसी को लगातार उल्टी-दस्त हो रहे हैं, तेज सिरदर्द है या मानसिक उलझन महसूस हो रही है, तो बिना देर किए अस्पताल जाएं। डॉक्टर मरीज की हालत देखकर इंट्रावेनस (IV) फ्लुइड्स यानी ड्रिप के जरिए सही मात्रा में सोडियम देते हैं। शरीर में सोडियम का संतुलन सही रखना बहुत जरूरी है। अगर आपको शरीर में सुस्ती, ऐंठन या उलझन महसूस हो, तो इसे सिर्फ मौसम का असर न समझें और तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
18 Sept 2026 02:30 pm