
बार-बार अचानक BP क्यों बढ़ जाता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Labile Hypertension Symptoms: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ब्लड प्रेशर (BP) की समस्या बहुत आम हो गई है। लेकिन क्या आपके साथ कभी ऐसा होता है कि एक पल आपका ब्लड प्रेशर बिल्कुल नॉर्मल रहता है और अचानक अगले ही पल बहुत ज्यादा बढ़ जाता है? अगर हां, तो इसे साधारण हाई बीपी समझकर टालने की गलती न करें। अचानक और बार-बार ब्लड प्रेशर का इस तरह ऊपर-नीचे होना एक खास डॉक्टरी स्थिति हो सकती है, जिसे लेबाइल हाइपरटेंशन (Labile Hypertension) कहा जाता है। नेचर (Nature) जर्नल की रिसर्च के अनुसार, लेबाइल हाइपरटेंशन में व्यक्ति का ब्लड प्रेशर बिना किसी लंबे समय की बीमारी के भी अचानक बहुत तेजी से बढ़ जाता है और फिर अपने आप या थोड़े आराम के बाद नॉर्मल हो जाता है। यह बदलाव इतना तेज होता है कि मरीज खुद समझ नहीं पाता कि आखिर उसके शरीर में क्या हो रहा है। आइए जानते हैं कि लेबाइल हाइपरटेंशन क्या है, यह क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं और इसे कैसे कंट्रोल में रखा जा सकता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, सामान्य हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) में मरीज का बीपी लगातार बढ़ा हुआ रहता है और उसे कंट्रोल करने के लिए रोज दवाएं लेनी पड़ती हैं। लेकिन लेबाइल हाइपरटेंशन थोड़ा अलग और उलझाने वाला होता है। इसमें आपका बीपी दिन में कई बार अचानक बहुत ऊपर चला जाता है (जैसे 140/90 से ऊपर) और फिर कुछ देर में अपने आप सामान्य स्तर पर आ जाता है। शरीर में यह अचानक आने वाला उछाल दिमाग, दिल और नसों पर बहुत ज्यादा दबाव डालता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, इस समस्या को काफी हद तक अपनी लाइफस्टाइल में सुधार करके संभाला जा सकता है;
अगर आपका बीपी अचानक 180/120 से ऊपर चला जाए, साथ में सीने में तेज दर्द हो, हाथ-पैर सुन्न पड़ रहे हों, बोलने में परेशानी हो या बहुत तेज सिरदर्द हो, तो यह मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जाएं। बीपी का बार-बार ऊपर-नीचे होना दिल और दिमाग की नसों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय रहते डॉक्टर से परामर्श लें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
05 Sept 2026 03:00 pm
