
फेशियल पैरालिसिस क्या होता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Facial Paralysis Symptoms: अचानक सुबह सोकर उठने पर अगर महसूस हो कि चेहरे का एक हिस्सा लटक गया है, आंख पूरी तरह बंद नहीं हो रही या कुल्ला करते समय मुंह से पानी बाहर निकल रहा है, तो यह किसी भी व्यक्ति को डरा सकता है। अक्सर लोग इसे केवल कोई मामूली सी हवा लगने की वजह मान लेते हैं। लेकिन जॉन्स हॉपकिंस मेडिसिन (Johns Hopkins Medicine) के अनुसार, चेहरे की मांसपेशियों की इस कमजोरी या सुन्नपन को फेशियल पैरालिसिस (Facial Paralysis) या चेहरे का लकवा कहा जाता है। फेशियल पैरालिसिस तब होता है जब चेहरे की मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाली नस (Facial Nerve) किसी वजह से सूज जाती है, दब जाती है या क्षतिग्रस्त हो जाती है। यह समस्या किसी को भी और किसी भी उम्र में हो सकती है। आइए समझते हैं कि फेशियल पैरालिसिस क्या है, इसके होने के पीछे क्या-क्या कारण हो सकते हैं, इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं और डॉक्टर इसका इलाज कैसे करते हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, हमारे चेहरे पर मुस्कराने, पलकें झपकाने और खाने-चबाने के लिए जो मांसपेशियां काम करती हैं, उन्हें दिमाग से सिग्नल देने वाली नस को फेशियल नर्व कहते हैं। जब इस नस में सूजन आ जाती है या कोई रुकावट आती है, तो दिमाग का सिग्नल चेहरे की मांसपेशियों तक नहीं पहुंच पाता। नतीजतन, चेहरे का एक हिस्सा काम करना बंद कर देता है। इसके पीछे कई तरह की वजहें हो सकती हैं:
जॉन्स हॉपकिंस और क्लीवलैंड क्लिनिक के विशेषज्ञों का मानना है कि इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि लकवे का असल कारण क्या है। यदि सही समय पर (शुरुआती 72 घंटों के भीतर) इलाज शुरू हो जाए, तो ज्यादातर मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। बेल्स पाल्सी के मामलों में डॉक्टर चेहरे की नस की सूजन कम करने के लिए स्टेरॉयड दवाएं देते हैं। यदि समस्या किसी वायरस के कारण हुई है, तो एंटीवायरल दवाएं दी जाती हैं। आंख बंद नहीं होती, इसलिए उसमें धूल-मिट्टी और सूखापन आने से कॉर्निया को नुकसान पहुंच सकता है। इसके लिए डॉक्टर आई ड्रॉप्स, लगाने वाली जैल और रात में आंख पर पट्टी बांधने की सलाह देते हैं। नस की रिकवरी के बाद चेहरे की मांसपेशियों को दोबारा एक्टिव करने के लिए खास एक्सरसाइज करवाई जाती हैं। बहुत ही दुर्लभ मामलों में, जहां नस पर ज्यादा दबाव हो या चोट लगी हो, डॉक्टर सर्जरी का सहारा लेते हैं।
यदि चेहरे के टेढ़ेपन के साथ-साथ हाथ या पैर में कमजोरी महसूस हो, बोलने में हकलाहट या परेशानी हो, चक्कर आ रहे हों या आंखों के आगे अंधेरा छा रहा हो, तो यह स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना एक मिनट भी गंवाए तुरंत इमरजेंसी एम्बुलेंस बुलाएं या नजदीकी अस्पताल जाएं। चेहरे की मांसपेशियों में थोड़ी सी भी कमजोरी दिखने पर इसे अनदेखा न करें। समय पर मिला सही इलाज आपको किसी भी स्थायी नुकसान से बचा सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
05 Sept 2026 01:21 pm
Published on:
05 Sept 2026 01:21 pm
