
पूरी रात सोने के बाद भी दिनभर नींद किस कारण से आती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Idiopathic Hypersomnia Symptoms: क्या आपके साथ भी कभी ऐसा होता है कि आप रात में 8-9 घंटे की पूरी और अच्छी नींद लेते हैं, लेकिन फिर भी सुबह उठते ही थकान महसूस होती है? दिनभर काम के दौरान आंखें बंद होने लगती हैं, सुस्ती छाई रहती है और बार-बार झपकी लेने का मन करता है? अगर हां, तो इसे सिर्फ आलस या काम की थकान समझकर नजरअंदाज न करें। यह इडियोपैथिक हाइपरसोमनिया (Idiopathic Hypersomnia) नाम की एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी का संकेत हो सकता है। आमतौर पर लोग सोचते हैं कि देर रात तक जगने या कम सोने से ही दिन में नींद आती है। लेकिन इस बीमारी से पीड़ित इंसान के साथ ऐसा नहीं होता। आइए समझते हैं कि यह बीमारी क्या है और इसके लक्षण क्या हैं।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, हाइपरसोमनिया का मतलब होता है बहुत ज्यादा नींद आना। वहीं इडियोपैथिक शब्द का इस्तेमाल डॉक्टर तब करते हैं जब किसी बीमारी की असल वजह या सटीक कारण का पता न हो। यानी 'इडियोपैथिक हाइपरसोमनिया' एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति पूरी रात पर्याप्त या उससे भी ज्यादा सोने के बाद भी दिनभर बहुत ज्यादा नींद महसूस करता है। सबसे हैरानी की बात यह है कि इस बीमारी में दिन में छोटी-छोटी झपकियां (Naps) लेने के बाद भी व्यक्ति को ताजगी महसूस नहीं होती और नींद का भारीपन बना ही रहता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, अगर किसी को इडियोपैथिक हाइपरसोमनिया की शिकायत है, तो उसमें ये मुख्य लक्षण देखने को मिल सकते हैं;
अगर यह समस्या हफ्ते या महीने भर से लगातार बनी हुई है और आपके रोजमर्रा के कामों, ऑफिस या पढ़ाई को प्रभावित कर रही है, तो आपको तुरंत किसी स्लीप स्पेशलिस्ट (नींद के डॉक्टर) से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर आपकी बीमारी की पुष्टि करने के लिए स्लीप स्टडी (Sleep Study/Polysomnography) कराने की सलाह दे सकते हैं, जिससे रात की नींद की क्वालिटी और पैटर्न को नापा जाता है। इस बीमारी को पूरी तरह से ठीक करने की कोई एक जादुई दवा नहीं है, लेकिन डॉक्टर मरीज को दिनभर एक्टिव और अलर्ट रखने के लिए कुछ खास दवाइयां (Wakefulness-promoting medicines) देते हैं। सोने और जागने का एक सख्त रूटीन बनाएं, शराब और कैफीन (चाय-कॉफी) से दूरी बनाएं और रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें।
Published on:
18 Sept 2026 11:00 am
