
लिजनर्स डिजीज क्या होती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Legionnaires’ Disease Symptoms: सर्दियों या मौसम बदलने के दौरान खांसी, तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ होना आम बात लगती है। ज्यादातर लोग इसे साधारण सर्दी-जुकाम या वायरल बुखार मानकर अनदेखा कर देते हैं या फिर घर पर ही कोई दवाई ले लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये मामूली दिखने वाले लक्षण किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकते हैं? इन्हीं में से एक बीमारी है लिजनर्स डिजीज (Legionnaires' Disease)। यह फेफड़ों से जुड़ा एक गंभीर इंफेक्शन है, जो समय पर पहचान में न आए तो खतरनाक रूप ले सकता है। आइए समझते हैं कि लिजनर्स डिजीज क्या है, यह कैसे फैलती है और इससे बचने के लिए आपको क्या कदम उठाने चाहिए।
सीडीसी के अनुसार, लिजनर्स डिजीज एक तरह का गंभीर निमोनिया (फेफड़ों का इंफेक्शन) है। यह लिजियोनेला (Legionella) नाम के बैक्टीरिया की वजह से होता है। यह बीमारी एक इंसान से दूसरे इंसान में सीधे हाथ मिलाने या साथ बैठने से नहीं फैलती, बल्कि पानी की बूंदों या भाप के जरिए सांस के रास्ते हमारे शरीर में प्रवेश करती है। जब हम ऐसे पानी की बारीक बूंदों (मिस्ट या भाप) को सांस के जरिए अंदर खींचते हैं जिसमें यह बैक्टीरिया मौजूद होता है, तो यह बैक्टीरिया हमारे फेफड़ों तक पहुंच जाता है और इंफेक्शन पैदा कर देता है।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, लिजियोनेला बैक्टीरिया आमतौर पर झीलों, नदियों और नमी वाले स्थानों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। लेकिन जब यह इंसानों द्वारा बनाए गए बड़े वॉटर सिस्टम में पहुंच जाता है और वहां तापमान बैक्टीरिया के पनपने के अनुकूल होता है, तब यह तेजी से बढ़ता है। यह बैक्टीरिया मुख्य रूप से इन जगहों पर मिल सकता है;
इस बीमारी के लक्षण आमतौर पर बैक्टीरिया के संपर्क में आने के 2 से 14 दिनों के भीतर दिखाई देने लगते हैं। शुरुआत में यह साधारण फ्लू जैसा लगता है, लेकिन धीरे-धीरे इसके लक्षण गंभीर होने लगते हैं;
हालांकि यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है;
अगर तेज बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ हो रही हो, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर ब्लड टेस्ट, यूरीन टेस्ट या चेस्ट एक्स-रे के जरिए बीमारी की पुष्टि करते हैं। इसका इलाज एंटीबायोटिक (Antibiotics) दवाओं से किया जाता है। सही समय पर इलाज शुरू होने से मरीज पूरी तरह ठीक हो जाता है। अपने घर के एसी, कूलिंग टब और वॉटर हीटर की समय-समय पर सफाई और सर्विसिंग करवाएं। जिन नलों या शॉवर का इस्तेमाल काफी समय से न हुआ हो, उन्हें इस्तेमाल करने से पहले कुछ मिनट के लिए तेज बहाव के साथ चला दें।
Updated on:
18 Sept 2026 09:42 am
Published on:
18 Sept 2026 09:42 am
