स्वास्थ्य

IBS Symptoms: बार-बार पेट दर्द और गैस को न करें नजरअंदाज, हो सकता है IBS

IBS Symptoms: इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) सिर्फ साधारण पेट दर्द नहीं है। यह पाचन तंत्र से जुड़ी ऐसी समस्या है जो गैस, पेट दर्द, दस्त और कब्ज जैसी परेशानी पैदा कर सकती है। जानिए इसके लक्षण, कारण और मैनेजमेंट।

2 min read
Mar 16, 2026
IBS Symptoms (Photo- gemini ai)

IBS Symptoms: अक्सर जब किसी को पेट से जुड़ी परेशानी होती है, जैसे गैस, पेट दर्द या बार-बार टॉयलेट जाना, तो लोग इसे हल्की-फुल्की समस्या समझ लेते हैं। कई बार डॉक्टर भी मरीज को सिर्फ तनाव कम करने या डाइट बदलने की सलाह दे देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक इरीटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) सिर्फ साधारण पेट दर्द नहीं है, बल्कि यह एक जटिल समस्या हो सकती है जो व्यक्ति की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती है।

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट Pavan Reddy Thondapu के अनुसार IBS से पीड़ित लोगों की जिंदगी पर इसका असर धीरे-धीरे दिखाई देता है। कई मरीजों को यह तय करना पड़ता है कि क्या खाना है, कहां जाना है या लंबी मीटिंग में कितनी देर बैठ सकते हैं। कई लोग घर से बाहर निकलते समय यह भी सोचते हैं कि पास में टॉयलेट होगा या नहीं।

ये भी पढ़ें

इस बीमारी से जूझ रहीं खुशी कपूर! जानिए क्या है IBS जो लंबे समय तक नहीं छोड़ती है पीछा

रिपोर्ट सामान्य आती है, लेकिन दर्द असली होता है

IBS की सबसे उलझन वाली बात यह है कि इसमें अक्सर मेडिकल टेस्ट सामान्य आते हैं। ब्लड टेस्ट, स्कैन या एंडोस्कोपी में कोई खास समस्या दिखाई नहीं देती। दरअसल IBS में समस्या पेट की बनावट में नहीं बल्कि पाचन तंत्र के काम करने के तरीके में होती है। इसमें आंतें सामान्य से ज्यादा संवेदनशील हो जाती हैं। ऐसे में सामान्य गैस बनना या खाना पचना भी दर्द, सूजन या बेचैनी का कारण बन सकता है। डॉक्टर इसे फंक्शनल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिसऑर्डर कहते हैं, यानी शरीर में कोई संरचनात्मक नुकसान नहीं दिखता, लेकिन पाचन तंत्र सही तरीके से काम नहीं कर पाता।

सिर्फ कभी-कभी होने वाली पेट की समस्या नहीं

IBS को कई लोग बाहर का खाना खाने के बाद होने वाली अस्थायी परेशानी समझ लेते हैं, लेकिन यह समस्या बार-बार हो सकती है और लंबे समय तक चल सकती है। इसके कुछ सामान्य लक्षण हैं:

  • पेट में सूजन या भारीपन
  • पेट में दर्द या मरोड़
  • दस्त लगना
  • कब्ज की समस्या
  • कभी दस्त तो कभी कब्ज होना

इन लक्षणों की वजह से कई लोग लंबी यात्रा, मीटिंग या सामाजिक कार्यक्रमों से बचने लगते हैं।

तनाव से बढ़ सकती है समस्या

डॉक्टरों का कहना है कि तनाव और मानसिक दबाव IBS के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह सिर्फ मानसिक समस्या है। इसमें कई जैविक कारण भी होते हैं, जैसे आंतों की गति में बदलाव, आंतों की संवेदनशीलता बढ़ना, आंतों में मौजूद बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ना और पेट-दिमाग के बीच संचार में गड़बड़ी।

हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है फूड ट्रिगर

IBS की एक और चुनौती यह है कि हर व्यक्ति के लिए ट्रिगर फूड अलग हो सकते हैं। कुछ लोगों को दूध से परेशानी हो सकती है, तो कुछ को तला हुआ खाना, कैफीन या कुछ खास कार्बोहाइड्रेट खाने से दिक्कत हो सकती है। इसलिए डॉक्टर कहते हैं कि IBS के लिए कोई एक ही डाइट सभी पर लागू नहीं होती। आमतौर पर लोग धीरे-धीरे यह समझ पाते हैं कि कौन सा खाना उन्हें सूट नहीं करता।

इलाज और मैनेजमेंट

IBS का कोई एक स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन सही तरीके से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। डॉक्टर आमतौर पर कुछ चीजों पर ध्यान देने की सलाह देते हैं:

  • खाने-पीने में छोटे बदलाव
  • नियमित समय पर खाना और सोना
  • तनाव कम करने की कोशिश
  • जरूरत पड़ने पर दवाइयां

डॉक्टरों के मुताबिक अगर मरीज अपनी समस्या को समझ लें और सही लाइफस्टाइल अपनाएं तो समय के साथ लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें

Colon Cancer Risk: 8 घंटे से ज्यादा बैठते हैं? बढ़ सकता है कोलन कैंसर का खतरा, डॉक्टरों की चेतावनी

Published on:
16 Mar 2026 06:00 pm
Also Read
View All

अगली खबर