स्वास्थ्य

Coronavirus: दुनिया की पहली DNA वैक्सीन ‘जायकोव-डी’ जल्द होगी भारत के पास, तीसरे फेज का क्लीनिकल ट्रायल जारी

DNA vaccine Covid-19: कोरोना संक्रमण के खिलाफ देश को जल्द ही एक एक बेहतरीन वैक्सीन मिलने वाली है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि कैडिला की कोरोना वैक्सीन के तीसरे फेज का क्लीनिकल ट्रायल जारी है।

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Jul 21, 2021
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DNA vaccine Covid-19: कोरोना संक्रमण के खिलाफ देश को जल्द ही एक एक बेहतरीन वैक्सीन मिलने वाली है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि कैडिला की कोरोना वैक्सीन के तीसरे फेज का क्लीनिकल ट्रायल जारी है। यह दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन होगी। कोरोना महामारी से बचाव के लिए यह डीएनए आधारित टीका होगा।

मंडाविया ने कहा कि देश में कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए नीति और चुनौतियां’ विषय पर उच्च सदन में हुई अल्पकालिक चर्चा के जवाब में बताया कि कैडिला हेल्थकेयर लि. के डीएनए आधारित टीके का तीसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण चल रहा है। कई भारतीय कंपनियां कोरोना से बचाव के अपने टीकों का उत्पादन भी बढ़ा रही हैं।

डीएनए वैक्सीन कैसे करेगी काम
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जायडस कैडिला की यह वैक्सीन दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन होगी। इसके जरिए जेनेटिकली इंजीनियर्ड प्लास्मिड्स को शरीर में इंजेक्ट किया जाता है। इससे शरीर में कोविड-19 के स्पाइक प्रोटीन का उत्पादन होता है और इस तरह के वायरस से बचाव वाले एंटीबॉडी शरीर में पैदा होते हैं। अभी तक देखा जा रहा है कि ज्यादातर वैक्सीन के 2 डोज लगते हैं लेकिन कोरोना के खिलाफ कैडिला की इस वैक्सीन के 3 डोज लगेंगे।

खास डिवाइस से लगेगी यह वैक्सीन
इस वैक्सीन की खास बात यह है कि यह सूई से नहीं, बल्कि एक खास डिवाइस के जरिए लगाई जाएगी। जायडस कैडिला का दावा है कि इस मेथड से वैक्सीन लगने की वजह से दर्द भी नहीं होगा। कंपनी का दावा है कि इससे वैक्सीन के साइड इफेक्ट भी कम हो सकते हैं।

ज्यादा ठंडे तापमान की जरूरत नहीं
फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन की तरह इसे ज्यादा ठंडे तापमान पर रखने की जरूरत नहीं होगी। कैडिला की इस वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भी रखा जा सकता है। इसे आसानी से ट्रांसपोर्ट और अधिक समय तक स्टोर भी किया जा सकेगा और वैक्सीन की बर्बादी भी बहुत कम होगी।

डीएनए वैक्सीन वाला दुनिया का पहला देश होगा भारत
स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा, ‘इसने आपात स्थिति में उपयोग की मंजूरी हासिल करने के उद्देश्य से भारत के औषधि महानियंत्रक के सामने अंतरिम आंकड़े पेश किए हैं।' उन्होंने कहा कि अपेक्षित मानक पूरे होने पर जब यह टीका बाजार मे आएगा तब यह पहला डीएनए आधारित टीका होगा और तब भारत ही ऐसा पहला देश होगा जिसके पास कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए डीएनए आधारित टीका होगा।’

Published on:
21 Jul 2021 10:32 am