Winter Care Tips: दिव्यांग लोगों के लिए ठंड का मौसम दर्द, जकड़न और इंफेक्शन का बड़ा कारण बन सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी, इन 7 सर्दियों की गलतियों से जरूर बचें।
International Day of Persons with Disabilities: सर्दी का मौसम (Winter) आम लोगों के लिए भी मुश्किलें लेकर आता है, लेकिन दिव्यांग व्यक्तियों के लिए यह समय और भी चुनौतीभरा होता है। शरीर का तापमान जल्दी गिरना, कम मूवमेंट, व्हीलचेयर या आर्टिफिशियल लिंब का इस्तेमाल ये सभी कारण कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का खतरा बढ़ा देते हैं। डॉक्टर मानते हैं कि थोड़ी-सी लापरवाही दर्द, सूजन, स्किन इंफेक्शन, और रेस्पिरेटरी समस्याओं को बढ़ा सकती है।
दिव्यांग लोगों में अक्सर चलना-फिरना सीमित होता है। ऐसे में सर्दी के कारण ब्लड सर्कुलेशन और धीमा हो जाता है, जिससे पैरों और उंगलियों में सुन्नपन, मांसपेशियों में खिंचाव, जोड़ों में तेज दर्द, जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि हल्की स्ट्रेचिंग, गुनगुने तेल से मसाज और माइल्ड फिजियो मददगार साबित होती है।
मेटल वाले व्हीलचेयर पार्ट्स, स्टिक, कैलीपर या ब्लेड ठंड में जल्दी ठंडे हो जाते हैं। इससे शरीर के उन हिस्सों पर ठंडक और सुन्नपन बढ़ जाता है, जहां मेटल संपर्क में आता है। ऐसे में आप सीट पैडिंग या थर्मल कवर का इस्तेमाल करें, हैंड-ग्लव्स, लेग वार्मर पहनें
ज्यादा बैठने, स्वच्छता की कमी या पसीना-ठंड के मिश्रण से प्रेशर सोर, फंगल इंफेक्शन और चकत्ते बढ़ सकते हैं।
बचाव के लिए आप त्वचा को मॉइस्चराइज्ड रखें, रोजाना त्वचा की जांच, रैशेज होने पर देर न करें, तुरंत डॉक्टरी सलाह लें
जिन लोगों को चलने-फिरने में कठिनाई होती है, उनमें फेफड़ों का वेंटिलेशन कम होता है। सर्द हवा और प्रदूषण मिलकर सांस लेने में दिक्कत, खांसी और ब्रोंकाइटिस बढ़ा सकते हैं। ऐसे में आप सुबह की कड़ाके की ठंड में बाहर न निकलें, मास्क का इस्तेमाल करें। घर में स्टीम और ह्यूमिडिफायर उपयोगी है।
ठंड के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ता है, वहीं कम मूवमेंट से शुगर लेवल भी बढ़ सकता है। यह संयोजन दिल की बीमारी का खतरा बढ़ा सकता है।
कई लोग भारी लेकिन एक ही परत वाले कपड़े पहन लेते हैं, जिससे शरीर ठंड रोक नहीं पाता। ऐसे में 2 से 3 हल्की गर्म परतें पहनें, सिर-पैर और कान जरूर ढकें।
सर्दी में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को पानी की जरूरत उतनी ही होती है। डिहाइड्रेशन से थकान, पेशाब में इंफेक्शन और कब्ज बढ़ सकता है।