
Joint Hypermobility Syndrome Hindi: क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि जरा सी थकावट हुई नहीं कि जोड़ों में दर्द शुरू हो गया? या फिर बिना किसी भारी चोट के भी बार-बार पैर में मोच आ जाती है, जोड़ अचानक अपनी जगह से सरक जाते हैं, या हर समय शरीर में ऐंठन और थकावट बनी रहती है?हम में से कई लोग इसे सामान्य कमजोरी या थकावट मानकर टाल देते हैं। लेकिन मेडिकल भाषा में इसे Joint Hypermobility Syndrome (JHS) कहा जाता है। कहें तो जोड़ों का जरूरत से ज्यादा लचीला होना। आइए समझते हैं कि यह परेशानी क्या है, इसके क्या लक्षण हैं और घर पर रहकर इसे कैसे संभाला जा सकता है।
एनएचएस के अनुसार, हम सब देखते हैं कि कुछ लोगों के शरीर में बहुत ज्यादा लचीलापन होता है जैसे अंगूठे को मोड़कर कलाई से लगा लेना या बिना घुटने मोड़े हाथों की हथेलियां जमीन पर टिका देना। आम बोलचाल में लोग इसे 'लचीले जोड़' (Double-jointed) कहते हैं। शरीर का लचीला होना अपने आप में कोई बीमारी नहीं है। लेकिन जब जोड़ों के इस जरूरत से ज्यादा लचीलेपन की वजह से शरीर में लगातार दर्द, मोच, खिंचाव और थकावट रहने लगे, तो इसे Joint Hypermobility Syndrome कहा जाता है।
हमारे जोड़ों और मांसपेशियों को आपस में बांधकर रखने के लिए शरीर में एक खास तरह का प्रोटीन होता है, जिसे कोलेजन (Collagen) कहते हैं। जिन लोगों को यह सिंड्रोम होता है, उनके शरीर में कोलेजन का ढांचा थोड़ा ढीला या कमजोर होता है। इसकी वजह से जोड़ों को सहारा देने वाले लिगामेंट्स जरूरत से ज्यादा खिंच जाते हैं। यह समस्या अक्सर आनुवंशिक (Genetic) होती है, यानी परिवार में पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ सकती है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य नीचे दिए गए लक्षणों का सामना बार-बार कर रहा है, तो ध्यान देने की जरूरत है;
हालाँकि इसका कोई पक्का इलाज या रातों-रात असर करने वाली दवाई नहीं है, लेकिन अपनी दिनचर्या में कुछ छोटे बदलाव करके आप बिल्कुल सामान्य और दर्द-मुक्त जिंदगी जी सकते हैं;
जानबूझकर शरीर को ज्यादा न मोड़ें: सिर्फ इसलिए कि आप अपने हाथों या उंगलियों को अजीब तरह से मोड़ सकते हैं, ऐसा बार-बार करके लोगों को न दिखाएं। इससे जोड़ और कमजोर होते हैं।
अगर दर्द की वजह से आपकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, काम करने में दिक्कत आ रही है या बार-बार मोच आ रही है, तो किसी फिजियोथेरेपिस्ट (Physiotherapist) या ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से सलाह लें। वे आपको सही एक्सरसाइज बताएंगे, जिससे आपके जोड़ों की पकड़ मजबूत हो सकेगी।