Kalonji Benefits: कलौंजी (Nigella sativa) को दिल की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। कुछ रिसर्च के अनुसार यह ब्लड प्रेशर और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकती है। जानिए इसके फायदे और इस्तेमाल का सही तरीका।
Kalonji Benefits: आजकल भारत में हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसी लाइफस्टाइल बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में कई लोग दवाइयों के साथ-साथ घरेलू और पारंपरिक उपायों की तरफ भी ध्यान दे रहे हैं। इन्हीं में से एक चीज है कलौंजी, जिसे अंग्रेजी में ब्लैक निगेला सीड्स या Nigella sativa कहा जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक भारत में हर साल दिल से जुड़ी बीमारियों की वजह से लाखों लोगों की मौत होती है। इसलिए वैज्ञानिक और डॉक्टर अब ऐसे प्राकृतिक खाद्य पदार्थों पर भी रिसर्च कर रहे हैं जो दिल की सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
करीब 25 साल के अनुभव वाले कार्डियोलॉजिस्ट Rajesh Kumar Sharma के अनुसार, अगर कलौंजी का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकती है। उन्होंने बताया कि कई क्लीनिकल स्टडीज में देखा गया है कि कलौंजी लेने से ब्लड प्रेशर और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) में कमी आ सकती है।
कलौंजी छोटे-छोटे काले बीज होते हैं जो Nigella sativa नाम के पौधे से मिलते हैं। यह पौधा मूल रूप से दक्षिण-पश्चिम एशिया का माना जाता है, लेकिन भारत में भी इसका इस्तेमाल काफी समय से होता आ रहा है। भारतीय रसोई में कलौंजी का इस्तेमाल अक्सर अचार, सब्जी, पराठे और नान में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसका स्वाद थोड़ा कड़वा और हल्का प्याज जैसा होता है। कई जगह लोग इसे काला जीरा भी कहते हैं, हालांकि यह सामान्य जीरे से अलग होता है। डॉक्टरों का कहना है कि कलौंजी के बीजों में थायमोकिनोन (Thymoquinone) नाम का एक खास तत्व होता है, जो एक मजबूत एंटीऑक्सीडेंट माना जाता है। यही तत्व इसके कई स्वास्थ्य फायदों के पीछे जिम्मेदार माना जाता है।
कुछ रिसर्च में पाया गया है कि कलौंजी खून की नलियों को रिलैक्स करने में मदद कर सकती है। इससे ब्लड प्रेशर कम होने में मदद मिलती है। कई स्टडीज में देखा गया कि जो लोग रोजाना लगभग 500 मिलीग्राम कलौंजी लेते थे, उनके सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर में कमी आई। कुछ मामलों में दिल की धड़कन और औसत ब्लड प्रेशर में भी हल्का सुधार देखा गया।डॉक्टरों के मुताबिक इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण खून की नलियों में सूजन कम करने में मदद करते हैं। कई लोगों में कलौंजी का तेल पाउडर की तुलना में जल्दी असर दिखा सकता है।
रिसर्च यह भी बताती है कि नियमित रूप से कलौंजी लेने से कुल कोलेस्ट्रॉल और LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) में कमी आ सकती है। कुछ स्टडीज में कुल कोलेस्ट्रॉल लगभग 15 mg/dL तक कम पाया गया, जबकि LDL करीब 14 mg/dL तक घट सकता है। इसके अलावा ट्राइग्लिसराइड्स कम होने और HDL यानी अच्छे कोलेस्ट्रॉल में थोड़ा सुधार भी देखा गया है। इससे धमनियों में प्लाक जमा होने का खतरा कम हो सकता है, जो दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि कलौंजी को दवाइयों का विकल्प नहीं समझना चाहिए। इसे केवल हेल्दी डाइट और डॉक्टर की सलाह के साथ ही इस्तेमाल करना बेहतर होता है।