Kaner ka Fal Poisonous : कनेर का पेड़ कहीं ना कहीं देखने को मिल जाता है। इसके पीले फूल हम घर पर पूजा करने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। पर, जनवरी 2026 में वाराणसी में इस फल को खाने से 3 मासूम मर गए थे। डॉ. बीपीएस त्यागी ने बताया है कि कनेर का फल कितना जहरीला होता है या नहीं?
Kaner ka Fal Poisonous : कनेर का पेड़ आपको गली-मुहल्ले या सड़के के किनारे देखने को मिल जाता है। ये पीले फूल हम घर पर पूजा करने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। पर, जनवरी 2026 में वाराणसी में इस फल को खाने से 3 मासूम मर गए थे। इसके बाद इस फूल और फल को लेकर एरिया में खौफ था। डॉ. (प्रो.) बीपीएस त्यागी ने बताया है कि कनेर का फल कितना जहरीला होता है या नहीं?
कनेर के फल को खाने से मौत का मामला करधना गांव निवासी मिथिलेश की बेटी हर्षिता, अंशिका और गांव के ही मनीष की चार साल की बेटी नैंसी का था। जो खेलते-खेलते इस फल को खा ली और और जब स्थिति बिगड़ने लगी तो उनको अस्पताल ले जाया गया था जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया था।
कई बच्चे इस फल और फूल को खाते भी हैं। जबकि, ये फूल वाकई ज्यादा घातक और जहरीला होता है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही इसे 'धीमा जहर' मानते हैं। इसके पीछे का कारण भी है जिसको समझने की जरुरत है।
कनेर के फल और बीजों में 'थेवेटिन' (Thevetin) और 'पेरुवोसॉइड' (Peruvoside) जैसे शक्तिशाली रसायन पाए जाते हैं। ये सीधे तौर पर इंसान के हृदय (Heart) पर हमला करते हैं। अगर कोई इसका सेवन कर ले तो यह धड़कन की लय (Rhythm) को बिगाड़ देता है, जिससे 'हार्ट ब्लॉक' या 'कार्डियक अरेस्ट' हो सकता है।
इसके बीज का जहर सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। कनेर के एक फल के अंदर मौजूद एक या दो बीज ही किसी वयस्क इंसान की जान लेने के लिए काफी होते हैं। अगर कोई खा ले तो कुछ घंटों में मर सकता है। इसलिए, इसे 'सुसाइड फ्रूट' के नाम से भी जाना जाता है।
कनेर के बारे में यह बात कम ही लोग जानते हैं कि इनका दूध (Sap) त्वचा पर लगने से खुजली या जलन हो सकती है। यहां तक कि अगर आप इसकी लकड़ियों को जलाते हैं, तो उसके धुएं से भी सांस की तकलीफ और जहर फैलने का खतरा रहता है।