Cancer Vaccine : कीट्रूडा (Pembrolizumab) एक नई इम्यूनोथेरेपी दवा है जो शरीर की इम्यूनिटी को कैंसर से लड़ने में मदद करती है। जानिए यह किन कैंसर में असरदार है और इसके फायदे-नुकसान।
Cancer Vaccine : कैंसर के इलाज में पिछले कुछ सालों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, और इसमें इम्यूनोथेरेपी दवाओं का अहम रोल है। ऐसी ही एक दवा है Keytruda, जिसे वैज्ञानिक भाषा में पेम्ब्रोलिज़ुमैब कहा जाता है। इसे बनाने वाली कंपनी Merck & Co. है, और इसे सबसे पहले 2014 में अमेरिका की U.S. Food and Drug Administration ने मंजूरी दी थी। भारत में भी इसे Drug Controller General of India कई तरह के कैंसर के इलाज के लिए अप्रूव कर चुका है।
आम भाषा में समझें तो कैंसर सेल्स शरीर से छिपने के लिए एक तरह का मास्क पहन लेते हैं, जिसे PD-L1 प्रोटीन कहते हैं। यह हमारे इम्यून सिस्टम को धोखा देता है। Keytruda इस मास्क को हटाने का काम करती है, जिससे शरीर की इम्यूनिटी खुद कैंसर को पहचानकर उस पर हमला करने लगती है। जैसा कि डॉक्टर Nikhil Suresh Ghadyalpatil बताते हैं, “यह दवा खुद कैंसर को नहीं मारती, बल्कि आपके शरीर को ही कैंसर से लड़ने के लिए मजबूत बनाती है।”
भारत में यह दवा कई तरह के कैंसर में इस्तेमाल हो रही है, जैसे:
डॉक्टर Shefali Sardana के अनुसार, इम्यूनोथेरेपी ने कैंसर के इलाज का तरीका बदल दिया है, अब इलाज सिर्फ अंग के हिसाब से नहीं बल्कि बीमारी की बायोलॉजी के आधार पर किया जा रहा है।
कीमोथेरेपी जहां तेजी से बढ़ने वाली सभी कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है, वहीं Keytruda ज्यादा टार्गेटेड तरीके से काम करती है। इससे बाल झड़ने की समस्या कम होती है। कम कमजोरी और उल्टी जैसी समस्या से छुटकारा मिलता है। मरीज अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जारी रख सकता है। सबसे खास बात यह है कि कुछ मरीजों में इसका असर लंबे समय तक बना रहता है, यानी इलाज बंद होने के बाद भी फायदा मिलता है।
हर दवा की तरह इसके भी कुछ साइड इफेक्ट हो सकते हैं। क्योंकि यह इम्यून सिस्टम को एक्टिव करती है, इसलिए कभी-कभी स्किन, थायरॉयड, फेफड़े या लिवर में सूजन हो सकती है। हालांकि डॉक्टरों के मुताबिक, अगर समय पर पहचान हो जाए तो इनका इलाज आसानी से हो सकता है।
यह दवा हर कैंसर मरीज के लिए नहीं होती। डॉक्टर पहले कुछ खास टेस्ट (जैसे PD-L1 या अन्य बायोमार्कर) करके तय करते हैं कि यह दवा किसे ज्यादा फायदा देगी।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।