Kidney Warning Signs: क्या आपकी किडनी सही से काम कर रही है? जानिए किडनी डैमेज के 7 शुरुआती लक्षण जैसे पेशाब में बदलाव, थकान, सूजन और सांस फूलना। समय पर पहचान बचा सकती है जान।
Kidney Disease Symptoms: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर अपने शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन किडनी एक ऐसा अंग है जो चुपचाप काम करता है और जब इसमें समस्या शुरू होती है, तो शुरुआत में इसके लक्षण बहुत हल्के होते हैं। अगर इन्हें समय रहते पहचान लिया जाए, तो बड़ी बीमारी से बचा जा सकता है। Kidney International Reports में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, दुनिया भर में 10-16% लोग क्रॉनिक किडनी डिजीज से प्रभावित हैं और कई लोगों को इसका पता भी नहीं चलता।
किडनी खराब होने का सबसे पहला संकेत पेशाब में बदलाव होता है। अगर आपको बार-बार पेशाब आ रहा है, बहुत कम हो रहा है, पेशाब में झाग बन रहा है या उसका रंग गहरा या खून जैसा दिख रहा है, तो यह किडनी की समस्या का इशारा हो सकता है। Pediatric Nephrology के अनुसार, ये बदलाव किडनी की फिल्टर करने की क्षमता कम होने का संकेत हैं।
अगर आप बिना ज्यादा काम किए भी हर समय थका हुआ महसूस करते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। किडनी सही से काम नहीं करती तो शरीर में एनीमिया हो सकता है, जिससे कमजोरी और थकान बढ़ जाती है। Clinical Journal of the American Society of Nephrology के मुताबिक, किडनी मरीजों में यह समस्या काफी आम है।
जब किडनी अतिरिक्त पानी और नमक को बाहर नहीं निकाल पाती, तो शरीर में सूजन आने लगती है। यह सूजन पैरों, हाथों और खासकर आंखों के आसपास साफ दिखाई देती है।
खून में टॉक्सिन्स बढ़ने से त्वचा ड्राई और खुजली वाली हो सकती है। कई लोग इसे सामान्य स्किन प्रॉब्लम समझ लेते हैं, लेकिन यह किडनी खराब होने का संकेत भी हो सकता है।
अगर बिना ज्यादा मेहनत के ही सांस फूलने लगे, तो यह किडनी से जुड़ी समस्या हो सकती है। शरीर में फ्लूइड जमा होने से फेफड़ों पर असर पड़ता है और सांस लेने में दिक्कत होती है।
किडनी खराब होने पर शरीर में गंदगी जमा होने लगती है, जिससे भूख कम लगती है, जी मिचलाता है और कभी-कभी उल्टी भी हो सकती है।
जब शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ जाते हैं, तो इसका असर दिमाग पर भी पड़ता है। इससे कंफ्यूजन, फोकस की कमी और सोचने-समझने में दिक्कत हो सकती है।
किडनी की बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और कई बार देर से पता चलती है। अगर समय रहते इन लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है।
अगर ये लक्षण लगातार बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं। साधारण ब्लड और यूरिन टेस्ट से किडनी की स्थिति का पता लगाया जा सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।