Health Tips: विटामिन हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। ये हमें कई सारी बीमारियों से बचाता है। हमारे शरीर को विटामिन ए, बी, सी, डी, ई, बी-कॉम्प्लेक्स आदि तत्वों की आवश्यकता होती है। कई बार संतुलित आहार का सेवन न करने से अन्य पोषक तत्वों के साथ शरीर में विटामिन की कमी हो जाती है। कई बीमारियों की वजह विटामिनों की कमी ही होती है, ये हर वर्ग के लोगों को प्रभावित करती है।
Health Tips: विटामिन हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। ये हमें कई सारी बीमारियों से बचाता है। विटामिन भोजन के वे अवयव हैं, जिनकी सभी जीवों को थोड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है। ये कार्बनिक यौगिक होते हैं। उस यौगिक को विटामिन कहा जाता है जो शरीर द्वारा पर्याप्त मात्रा में स्वयं उत्पन्न नहीं किया जा सकता बल्कि खाने के रूप में लेना आवश्यक हो। विटामिन ए, बी, सी, डी, ई, बी-कॉम्प्लेक्स आदि तत्वों की आवश्यकता होती है। शरीर के हर हिस्से को काम करने के लिए अलग-अलग विटामिन की आवश्यकता होती है। ये विटामिन हमें संतुलित आहार यानी बैलेंस डायट से हासिल होते हैं। लेकिन कई बार संतुलित आहार का सेवन न करने से अन्य पोषक तत्वों के साथ शरीर में विटामिन की कमी हो जाती है। कई बीमारियों की वजह विटामिनों की कमी ही होती है, ये हर वर्ग के लोगों को प्रभावित करती है। आइए जानते हैं विटामिन से होने वाले रोगों के बारे में।
विटामिन की कमी से होने वाले रोग
1. विटामिन - A :
विटामिन ए दो फार्म में पाए जाते हैं, रेटिनॉल और कैरोटीन। विटामिन ए आंखों के लिए बहुत जरूरी होता है। यह विटामिन शरीर में अनेक अंगों जैसे त्वचा,बाल, नाखून, ग्रंथि, दांत, मसूड़ा और हड्डी को सामान्य रूप में बनाए रखने में मदद करता है। विटामिन ए की कमी से ज्यादातर आंखों की बीमारियां होती हैं, जैसे रतौंधी, आंख के सफेद हिस्से में धब्बे। यह रक्त में कैल्शियम का स्तर बनाए रखने में भी मदद करती है और हड्डियों को मजबूत करती है।
2. विटामिन - B :
विटमिन बी हमारी कोशिकाओं में पाए जाने वाले जीन, डीएनए को बनाने और उनकी मरम्मत में सहायता करता है। इसके कई काम्पलेक्स होते हैं, बी1, बी2, बी3, बी5, बी6, बी7 और बी12। यह बुद्धि, रीढ़ की हड्डी और नसों के कुछ तत्वों को बनाने में मदद करता है। लाल रक्त कणिकाओं का निर्माण भी इसी से होता है। इसकी कमी से बेरी बेरी, त्वचा की बीमारियां, एनीमिया, मंदबुद्धि जैसी कई खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं। इसका आनुवंशिक कारण भी हो सकता है। आंतों एवं वजन घटाने की सर्जरी कराना भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है। शाकाहारी लोगों में इसकी कमी आम बात हो जाती है क्योंकि यह विटामिन ज्यादातर जानवरों में पाया जाता है।
3. विटामिन - C :
एस्कार्बिक ऐसिड के नाम से मशहूर विटामिन सी शरीर की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने के साथ ही शरीर की इम्यूनिटी की भी रक्षा करता है। विटामिन सी की कमी से स्कर्वी रोग की संभावना हो जाती है जिसके कारण शरीर में हर समय थकान, मांसपेशियों में कमजोरी, जोड़ों में दर्द, मसूड़ों से खून आने और पैरों में लाल निशान जैसी परेशानियाँ हो जाती हैं। इसके अलावा शरीर की इम्यूनिटी कमजोर हो जाने से छोटी-छोटी बीमारियाँ और खांसी, जुकाम, मुंह के रोग, दाँत व त्वचा के रोग, पेट में अल्सर आदि परेशानियाँ हो सकती हैं।
4. विटामिन - D :
विटामिन डी का सबसे अच्छा स्त्रोत सूर्य की किरणें हैं। जब हमारे शरीर की खुली त्वचा सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में आती है तो ये किरणें त्वचा में अवशोषित होकर विटामिन डी का निर्माण करती हैं। अगर सप्ताह में दो बार दस से पंद्रह मिनट तक शरीर की खुली त्वचा पर सूर्य की अल्ट्रा वायलेट किरणें पड़ती हैं तो शरीर की विटामिन डी की पूर्ति हो जाती है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, हाथ और पैर की हड्डियां टेढ़ी भी हो जाती हैं। मोटापा बढ़ने के साथ ही शरीर में विटामिन डी का स्तर कम होता जाता है, जो लोग मोटापे जैसी बीमारी से ग्रस्त है उन्हें विटामिन डी की कमी को पूरा करने के साथ-साथ मोटापे को भी कम करना चाहिए।
5. विटामिन - E :
विटामिन ई शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाए रखने, शरीर को एलर्जी से बचाए रखने की, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में प्रमुख भूमिका निभाता है। विटामिन ई वसा में घुलनशील विटामिन है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी कार्य करता है। इसके आठ रूप होते हैं। इसकी कमी से जनन शक्ति में कमी आ जाती है।
6. विटामिन - K :
शरीर में ब्लड को गाढ़ा करके जमाने का काम विटामिन के ही करता है। इस विटामिन की कमी से ब्लड की क्लोटिंग नहीं हो पाती है और खून का बहाव रोकना मुश्किल हो जाता है। लीवर को स्वस्थ रखता है। छिलकेदार अनाज और हरी सब्जियों के सेवन से यह विटामिन लिया जा सकता है। इनके साथ, विटामिन एफ, बी 15, फ़ौलिक ऐसिड, निकोटिनमाइड़ विटामिन शरीर के लिए खास महत्व नहीं रखते हैं।