Leg Swelling & Pain Warning: क्या आपके पैर में लगातार सूजन, दर्द या सुन्नपन रहता है? जानिए खराब ब्लड सर्कुलेशन और खून के थक्के के शुरुआती संकेत।
Leg Swelling & Pain Warning: अगर आपके पैर में सूजन, दर्द या सुन्नपन रहता है, तो इसे हल्के में लेना बड़ी गलती हो सकती है। कई बार लोग सोचते हैं कि ज्यादा चलने, लंबे समय तक खड़े रहने या टाइट जूते पहनने की वजह से ऐसा हुआ होगा। लेकिन डॉक्टरों के अनुसार, बार-बार होने वाली ये परेशानी शरीर में किसी बड़ी दिक्कत का संकेत भी हो सकती है।
वैस्कुलर सर्जरी विशेषज्ञ प्रो. (डॉ.) दिग्विजय शर्मा बताते हैं कि अगर पैर में लगातार दर्द, सुन्नपन या सूजन बनी रहती है, तो इसका कारण पैरों में खून का सही तरीके से न पहुंच पाना हो सकता है। हमारे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बहुत जरूरी है, क्योंकि इसी से ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व मांसपेशियों और टिश्यू तक पहुंचते हैं। अगर यह प्रक्रिया ठीक से नहीं हो रही, तो समस्या गंभीर हो सकती है।
डॉक्टर के अनुसार, पैरों की नसों (veins) का काम होता है खून को वापस दिल तक पहुंचाना। लेकिन जब नसें सही तरीके से काम नहीं कर पातीं, तो खून पैरों में ही जमा होने लगता है। इसकी वजह से सूजन आ जाती है। कई बार थोड़ी देर आराम करने से सूजन कम हो जाती है, लेकिन अगर लंबे समय तक सूजन बनी रहे, तो यह खराब ब्लड सर्कुलेशन का संकेत हो सकता है।
अक्सर लोग सोचते हैं कि थोड़ी देर में दर्द ठीक हो गया, तो डॉक्टर को दिखाने की जरूरत नहीं। लेकिन बार-बार होने वाला दर्द या सुन्नपन इस बात का इशारा हो सकता है कि पैरों में खून का प्रवाह सही नहीं है। यह आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकता है।
अगर समय रहते इलाज न कराया जाए, तो स्थिति बिगड़ सकती है। खराब ब्लड सर्कुलेशन के कारण घाव जल्दी नहीं भरते, बार-बार इंफेक्शन हो सकता है और त्वचा का रंग भी बदल सकता है। गंभीर मामलों में पैर की सेहत पर बड़ा खतरा आ सकता है।
डॉक्टर ने एक और गंभीर बीमारी का जिक्र किया, जिसे Deep vein thrombosis कहा जाता है। इसमें पैरों की गहरी नसों में खून का थक्का (clot) बन जाता है। इससे लगातार सूजन और त्वचा में बदलाव दिख सकता है। सबसे खतरनाक बात यह है कि यह थक्का टूटकर फेफड़ों तक पहुंच जाए, तो Pulmonary embolism हो सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
अगर ये लक्षण दिखें, तो देरी न करें। समय पर जांच और इलाज से बड़ी समस्या से बचा जा सकता है। शरीर के छोटे संकेत भी कभी-कभी बड़ी बीमारी की चेतावनी होते हैं, इसलिए सावधानी ही सबसे बेहतर इलाज है।