Lemon Water In Summer: नींबू में साइट्रिक एसिड (Citric Acid) की मात्रा बहुत अधिक होती है। जब हम दिन भर में कई बार या खाली पेट नींबू पानी पीते हैं, तो यह शरीर के 'पीएच लेवल' (pH Level) को बिगाड़ सकता है। इससे दांतों की संवेदनशीलता, पेट में जलन, माइग्रेन और यहां तक कि जोड़ों में दर्द की समस्या भी हो सकती है। अगर आप भी इसे वजन घटाने या ठंडक के लिए पी रहे हैं, तो इसके डार्क साइड को समझना जरूरी है।
Lemon Water In Summer: भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से राहत पाने के लिए 'नींबू पानी' (Lemon Water) सबसे लोकप्रिय ड्रिंक है। विटामिन-C से भरपूर नींबू हमें तरोताजा तो करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल आपको अस्पताल पहुंचा सकता है? जी हां, आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही मानते हैं कि गलत समय और गलत मात्रा में नींबू पानी पीना आपकी हड्डियों, दांतों और पेट के लिए 'जहर' समान हो सकता है। आइए, जानते हैं नींबू पानी के वे साइड इफेक्ट्स।
British Dental Journal के एक शोध के अनुसार, नींबू में मौजूद खट्टापन (एसिड) दांतों की ऊपरी परत को गला देता है। इससे दांतों में ठंडा-गर्म लगने की समस्या (Sensitivity) शुरू हो जाती है। अगर आप रोज बहुत ज्यादा नींबू पानी पीते हैं, तो दांत जल्दी कमजोर होकर टूट भी सकते हैं।
नींबू पानी ज्यादा पीने से सीने में जलन और खट्टी डकारें आने लगती हैं। अगर आपको पहले से गैस या एसिडिटी की समस्या है, तो यह उसे और बिगाड़ सकता है। ज्यादा एसिड पेट की दीवारों को नुकसान पहुंचाता है।
शायद आपको जानकर हैरानी हो, लेकिन नींबू जैसे खट्टे फल कुछ लोगों में माइग्रेन यानी आधे सिर के दर्द को बढ़ा सकते हैं। इसमें टायरामाइन नाम का तत्व होता है जो सिरदर्द को ट्रिगर कर सकता है।
नींबू शरीर से पानी बाहर निकालने का काम भी करता है। अगर आप नींबू पानी ज्यादा पी रहे हैं और सादा पानी कम, तो शरीर से जरूरी खनिज बाहर निकल जाएंगे और आपको चक्कर या कमजोरी महसूस होने लगेगी।
आयुर्वेद और कई जानकार मानते हैं कि खट्टी चीजों का जरूरत से ज्यादा सेवन हड्डियों और जोड़ों के लिए अच्छा नहीं होता। इससे जोड़ों में सूजन या दर्द की शिकायत बढ़ सकती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।