
Leukoplakia Symptoms: कभी आपने शीशे में मुंह साफ करते वक्त अपनी जीभ, गाल के अंदरूनी हिस्से या मसूड़ों पर कोई अजीब सा सफेद या धूसर (ग्रे) रंग का धब्बा देखा है? अक्सर लोग इसे ब्रश की खरोंच, गरम खाना खाने से पड़ा छाला या फिर साधारण गंदगी समझकर टाल देते हैं। लेकिन अगर यह धब्बा आसानी से रगड़ने या साफ करने पर भी नहीं हट रहा है, तो संभल जाइए! मेडिकल साइंस में इस स्थिति को ल्यूकोप्लाकिया (Leukoplakia) कहा जाता है। यह कोई मामूली बात नहीं है। हालांकि ल्यूकोप्लाकिया के ज्यादातर मामले कैंसर रहित (Benign) होते हैं, लेकिन इनमें से कुछ धब्बे आगे चलकर ओरल कैंसर (मुंह के कैंसर) का रूप भी ले सकते हैं। इसलिए इसके बारे में सही जानकारी होना और सही समय पर सतर्क हो जाना बहुत जरूरी है।
जर्नल ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के अनुसार, ल्यूकोप्लाकिया मुंह के भीतर बनने वाले ऐसे सफेद या ग्रे रंग के पैच (धब्बे) हैं, जो जीभ, मसूड़ों, मुंह के निचले हिस्से या गालों की अंदरूनी परत पर जम जाते हैं। इसकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि यह धब्बा ब्रश करने, खुरचने या उंगली से रगड़ने पर भी अपनी जगह से नहीं हटता। यह मुंह के अंदर मौजूद कोशिकाओं की अत्यधिक वृद्धि (Hyperkeratosis) और लगातार होने वाली जलन या रगड़ के कारण बनता है।
मेयो क्लिनिक के मुताबिक, ल्यूकोप्लाकिया हर इंसान में एक जैसा नहीं दिखता। इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं;
मुंह के छालों का 1-2 हफ्तों में अपने आप ठीक हो जाना सामान्य बात है। लेकिन अगर आपको अपने मुंह में नीचे दी गई स्थितियों में से कुछ भी दिखे, तो तुरंत डॉक्टर या डेंटिस्ट से संपर्क करें;
ल्यूकोप्लाकिया से बचने का सबसे आसान रास्ता है अपनी आदतों में थोड़ा सुधार करना;