Liver Damage Symptoms: क्या आपके पैरों में सूजन, खुजली या पीलापन दिख रहा है? जानिए लिवर खराब होने के 4 शुरुआती संकेत जो पैरों में नजर आते हैं। समय रहते पहचान जरूरी।
Liver Disease Symptoms: अक्सर हम अपने पैरों को तब ही नोटिस करते हैं जब दर्द या थकान महसूस होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके पैर आपके लिवर की सेहत का भी हाल बता सकते हैं? सुनने में अजीब लगे, लेकिन सच यही है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पैरों में दिखने वाले कुछ छोटे-छोटे बदलाव लिवर की बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकते हैं। Liver Journal में प्रकाशित रिसर्च भी बताती है कि चलते-फिरते इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
Dr Anuj Pahuja के अनुसार, “कई बार लिवर से जुड़ी समस्याएं सबसे पहले पैरों में दिखती हैं, लेकिन लोग इन्हें आम समस्या समझकर इग्नोर कर देते हैं।”
अगर आपके पैरों या टखनों में बिना किसी कारण सूजन बनी रहती है, तो यह लिवर की समस्या का संकेत हो सकता है। इसे मेडिकल भाषा में “पेडल एडेमा” कहा जाता है। जब लिवर सही से प्रोटीन नहीं बना पाता, तो शरीर में पानी जमा होने लगता है, जिससे पैरों में सूजन आ जाती है।
अगर आपके पैरों की त्वचा या नाखून हल्के पीले दिखने लगे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह शरीर में बिलीरुबिन बढ़ने का संकेत हो सकता है, जो पीलिया (जॉन्डिस) से जुड़ा होता है। शुरुआत में यह आंखों में दिखता है, लेकिन बाद में पैरों और नाखूनों में भी नजर आने लगता है।
अगर आपके पैरों के तलवों में बिना किसी वजह के खुजली होती है, खासकर रात में, तो यह भी लिवर की समस्या का संकेत हो सकता है। इसे “कोलेस्टेटिक प्रुरिटस” कहा जाता है, जो शरीर में बाइल सॉल्ट्स जमा होने से होता है।
अगर आपके पैरों में छोटी-सी चोट लगने पर भी जल्दी नीले निशान पड़ जाते हैं या खून निकलता है, तो यह भी लिवर फंक्शन कमजोर होने का संकेत हो सकता है। लिवर खून को जमाने वाले तत्व बनाता है, और जब यह सही से काम नहीं करता, तो ब्लीडिंग और ब्रूजिंग बढ़ जाती है।
अगर ये लक्षण कुछ दिनों से ज्यादा बने रहें या इनके साथ थकान, कमजोरी या पीलिया जैसे संकेत भी दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच और इलाज से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।