
फैटी लिवर जांच शिविर पुराने अस्पताल के कक्ष क्रमांक 18 और 19 में किया जा रहा है। दिल्ली से आई टीम में प्रोजेक्ट ऑफिसर पूजा जेपी, प्रोजेक्ट असिस्टेंट गजाला सैफी एवं फाइब्रो टेक्नीशियन साहिल वर्मा द्वारा जांच की गई। पहले दिन सीएमएचओ डॉ. ओपी जुगतावत, सिविल सर्जन डॉ. अनिरूद्ध कौशल ने शिविर का निरीक्षण किया और अपनी जांच भी करवाई। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि शिविर में आए लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया गया।
सामान्य लेकिन गंभीर समस्या
सीएमएचओ डॉ. ओपी जुगतावत ने बताया कि फैटी लिवर एक बहुत सामान्य, लेकिन गंभीर समस्या के रुप में सामने आ रही है। फैटी लिवर की फाइब्रोस्कैन जांच करकेे फैट व फाइब्रोसिस का पता लगाया जाता है। यह एक आधुनिक, बिना दर्द और बिना सुई वाली जांच है। बाजार में इसकी जांच 7 हजार में होती है, लेकिन जिला अस्पताल में नि:शुल्क की जा रही है। जल्द ही फाइब्रोस्कैन मशीन के लिए भी प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। मशीन की कीमत करीब सवा करोड़ रुपए है, इसके विशेषज्ञ भी अलग होते है। उन्होंने बताया कि दैनिक जीवन में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण व अल्कोहल तथा जंक फूड के परहेज से फैटी लिवर से बचा जा सकता है।