
Low Back Pain WHO: अक्सर जब किसी के कमर में दर्द होता है, तो हम हंसकर कह देते हैं अरे, अब तुम्हारी उम्र हो गई है! लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट ने इस पर एक खुलासा किया है। WHO के मुताबिक, कमर दर्द (Low Back Pain) सिर्फ बुजुर्गों की नहीं, बल्कि आज की युवा पीढ़ी की भी बड़ी आफत बन चुका है।
2050 तक कमर दर्द मामलों की संख्या बढ़कर 843 मिलियन हो जाएगी, यह कोई मामूली दर्द नहीं है; आज पूरी दुनिया में लोगों के काम न कर पाने और अपंगता (Disability) का सबसे बड़ा कारण यही कमर दर्द हो सकता है। आइए क्लीवलैंड क्लिनिक और WHO से समझते हैं कि यह समस्या इतनी बड़ी क्यों बन गई है और इससे कैसे बचा जाए।
दुनिया भर में लगभग 61 करोड़ 90 लाख (619 Million) लोग इस समय कमर दर्द से जूझ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ 80 साल के बुजुर्गों को होता है। सबसे ज्यादा कमर दर्द के मामले 50 से 55 साल की उम्र में देखे जाते हैं, जो कि इंसान के काम करने की सबसे मुख्य उम्र होती है। पुरुषों के मुकाबले महिलाएं कमर दर्द की शिकार ज्यादा होती हैं। अनुमान है कि साल 2050 तक दुनिया में कमर दर्द के मरीजों की संख्या बढ़कर 84 करोड़ से भी ज्यादा हो जाएगी।
लगभग 90% मामलों में डॉक्टरों को भी यह पता नहीं चल पाता कि दर्द की असली वजह या कोई खास बीमारी क्या है। इसे नॉन-स्पेसिफिक दर्द कहा जाता है, जो मांसपेशियों में खिंचाव, गलत तरीके से बैठने या उठने-बैठने की खराब आदतों से होता है। सिर्फ 10% मामलों में ही दर्द के पीछे कोई खास वजह जैसे कि रीढ़ की हड्डी की बीमारी, स्लिप डिस्क या कैंसर जैसी कोई गंभीर समस्या होती है।
WHO के अनुसार, इस दर्द को ठीक करने का सबसे बेहतरीन तरीका अपनी जीवनशैली (Lifestyle) को सुधारना और रिहैबिलिटेशन (फिजिकल थेरेपी या कसरत) है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।