
नई दिल्ली। Myopia Cases Increased: मायोपिया ये एक ऐसी बीमारी होती है जिसमें कि कुछ दूर पर देखने में चीजें साफ़ नहीं नजर आती हैं। चेन्नई हॉस्पिटल के एक रिसर्च के दौरान इस बात का खुलासा किया गया है कि जो बच्चें ऑनलाइन ज्यादा समय रहते हैं उनको मायोपिया कि प्रॉब्लम अधिक हो सकती है। ये कोई आम बीमारी नहीं है। इससे सीधे आंखों में असर पड़ता है।
आइए जानते हैं मायोपिया होता क्या है
जो बच्चे लैपटॉप, कंप्यूटर, टीवी या ऑनलाइन अत्यधिक समय व्यतीत करते हैं उनको मायोपिया की समस्या अधिक हो सकती है। महामारी ने इस समस्या को अधिक बढ़ावा दिया है,क्योंकि ऑनलाइन क्लास, ऑनलाइन वर्क बच्चों का इतना बढ़ गया है कि पूरे दिन वे इन्ही के सामने बैठे रहते हैं। खेलकूद सब बंद हो गए हैं,बाहर जाना कोरोना के खतरे को बढ़ा सकता है, इस डर से सबकुछ ऑनलाइन हो गया है। इसके वजह से खासतौर में बच्चों की आंखों और उनकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ा है।
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इसलिए हमें बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी सेहत पर भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। उनको किसी और इंडोर गेम्स में अपने साथ शामिल करें, कहीं व्यस्त करें ताकि ऑनलाइन समय फ़ोन, लैपटॉप या कंप्यूटर में बिताना कम हो जाए।
बच्चों के आंखों की सुरक्षा कैसे करें
यदि बच्चा लगातार मोबाइल या लैपटॉप में काम कर रहा है तो उसे बीच-बीच में रेस्ट देते रहें। ताकि वे काम सही से भी कर पाए और उनकी आंखों को भी रेस्ट मिलता रहे।
बच्चों के खाने में विटामिन सी युक्त फूड्स को जरूर शामिल करें ताकि उनकी आँखें तेज रहें और उनको पूरा दिन काम करने की ऊर्जा भी मिलती रहे। अपने बच्चों को रोजाना दूध का सेवन भी जरूर कराएं। ताकि वे फिट रहें।
माता-पिता बच्चों की पढ़ाई में हेल्प करते रहें ताकि उनका काम जल्दी से जल्दी खत्म हो सके। साथ ही साथ बच्चों को उनके पसंदीदा काम करने के लिए भी प्रेरित करें जैसे कि ड्राइंग बनाना, गाना सुनना या खुद भी सीखना आदि। इससे उनके दिमाग में अच्छा प्रभाव पड़ेगा और वे फिजिकली और मेंटली भी मजबूत हो पाएंगे।