Children's eyes care tips :- आंखें बचपन से ही ना हो जाएं कमजोर, इसलिए शुरू से रखें इन बातों का ध्यान

Childrens eyes care tips :-ऑनलाइन पढ़ाई के साथ मोबाइल, लैपटॉप आदि का उपयोग करने के कारण बच्चों की आंखों पर काफी प्रभाव पड़ता है।उनकी आंखें कमजोर ना हो, इसलिए आपको कुछ बातों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

By: Subodh Tripathi

Published: 19 Jun 2021, 04:34 PM IST

पढ़ाई, खेलकूद सहित अन्य गतिविधियां आजकल मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर पर होने के कारण बच्चों की आंखों पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में कई बच्चों की Eyes बहुत जल्दी कमजोर हो जाती है। उन्हें चश्मा तक लग जाता है। इस समस्या से बचने के लिए आपको अभी से बच्चों की आंखों का ध्यान रखना होगा।

बदलती जीवन शैली और ऑनलाइन पढ़ाई के कारण बच्चों की आंखें पहले की अपेक्षा अब जल्दी कमजोर होने लगी है। ऐसे में परिजनों को बच्चों की आंखें को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए बचपन से ही उनकी आंखों पर ध्यान देने की जरूरत है। आप कुछ आसान टिप्स अपनाकर बच्चों को कम दिखने की समस्या से निजात दिला सकते हैं।

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स्क्रीन पर कम समय बिताने का करे प्रयास-

आजकल बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन होने के कारण बच्चों का अधिकतर समय मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर पर लगने लगा है। इसी के साथ बच्चे बाहर खेलने की अपेक्षा घर में ही मोबाइल पर खेलते हैं। जिससे उनका बचा हुआ टाइम भी मोबाइल में ही लग जाता है। इसलिए आप यह कोशिश करें कि बच्चे कम से कम स्क्रीन पर रहे, हो सके तो मोबाइल पर खेलने की अपेक्षा उन्हें दूसरे खेलकूद में भी लगाएं। जिससे उनकी आंखें सुरक्षित रहेगी।

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हर साल करवाएं आंखों की जांच-

कई बच्चों को कम दिखने लगता है। लेकिन वे इस बात का एहसास नहीं कर पाते हैं और किताबों को आंखों के पास लाकर पढ़ते हैं। ऐसे में दिन-ब-दिन उनकी आंखों पर और भी असर पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि बच्चों की आंखों का हर साल चेकअप कराएं। अगर उनकी आंखें कमजोर होगी तो तुरंत पता चल जाएगा।

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आउटडोर गेम के लिए करें प्रेरित-

आजकल अधिकतर बच्चे मैदान की जगह मोबाइल पर खेलने लगे हैं। आप बच्चों को वापस खुले वातावरण में खेलने के लिए प्रेरित करें। इससे बच्चे मोबाइल पर कम खेलेंगे और उनकी आंखें सुरक्षित रहेगी। इसी के साथ वह जब बाहर खेलेंगे तो इससे वे खुद भी एक्टिव होंगे और उनका शरीर भी मजबूत होगा।

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पौष्टिक आहार दें-

पहले की अपेक्षा अब बच्चों पर पढ़ाई का लोड अधिक हो चुका है। ऐसे में उनके दिमाग के साथ आंखों पर भी जोर पड़ता है। इसलिए आप उनके भोजन में पौष्टिकता का पूरा ध्यान रखें। उन्हें प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स युक्त खाद्य पदार्थ खिलाएं।

रोज पहनाएं चश्मा-

अगर आपके बच्चे को चश्मा लग गया है। तो आप कोशिश करें कि उसे रोज पहनाये। ऐसा करने से उनकी आंखों पर कम प्रभाव पड़ेगा और उनके चश्मे का नंबर भी कम हो सकता है। हो सकता है कि आगे जाकर उनका चश्मा भी उतर जाए

आंखों में दर्द या थकान है तो करें उपचार-

बच्चों को ऑनलाइन पढ़ने के कारण अगर उनकी आंखों में जलन, थकान या अन्य कोई परेशानी है।तो आप चिकित्सक को जरूर दिखाएं। इसी के साथ उन्हें भरपूर नींद लेने के लिए प्रेरित करें। कुछ घरेलू उपाय से भी आंखों को ठंडक प्रदान करने की कोशिश करें।

एक्सरसाइज करवाएं-

आजकल बच्चों को आंखों की एक्सरसाइज करवाना बहुत जरूरी हो गया है। क्योंकि उनकी आंखों पर पढ़ाई सहित अन्य कारणों से बहुत प्रभाव पड़ता है। इसलिए आप कुछ रूटीन की एक्सरसाइज उनसे करवाएं।

आंखें नहीं धोये बार बार-

कई बार आपके बच्चे की आंख में कुछ चला जाता है। तो उसे बार-बार धोते हैं। ऐसे में पानी के साथ धूल मिट्टी भी अंदर चली जाती है। इस कारण आप बार-बार आंखों को नहीं धोए और चिकित्सक को दिखाएं।

नुकीली चीजें सावधानी से उपयोग करें-

छोटे बच्चे पेन, पेंसिल आदि नुकीली चीजों का उपयोग एतिहात के साथ करें। ताकि इन चीजों से आंखों को चोट नहीं लगे। कई बार आंखों को चोट लगने की वजह से भी बच्चे की रोशनी प्रभावित होती है।

Subodh Tripathi
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