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Children’s Eyes : ऑनलाइन पढ़ाई से प्रभावित हो रही बच्चों की आंखें, इस तरह करें बचाव

Children's Eyes : कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन चल रही है। इसकी वजह से उनकी आंखों पर असर पड़ रहा है। अगर आपके बच्चों में भी यह लक्षण नजर आए। तो तुरंत बचाव के लिए यह घरेलू उपाय करें।
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मुंबई

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Subodh Kumar Tripathi

•

Updated: 17 Jul 2021, 6:26 PM IST

Children's Eyes

Children's Eyes

ऑनलाइन पढ़ाई के कारण बच्चों को अधिकतर समय मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर पर बिताना पड़ रहा है। ऐसे में अधिकतर समय स्क्रीन के सामने रहने के कारण उनकी Eyes पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ने लगा है। अगर आपके बच्चों में भी इस प्रकार की कोई समस्या नजर आ रही है। तो आप तुरंत कुछ घरेलू उपाय से उसे दूर कर सकते हैं।

कोरोना महामारी के चलते बच्चे संक्रमित नहीं हो और वह सुरक्षित रहे इसलिए ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। इस कारण बच्चों को विभिन्न एप्स के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। इस कारण बच्चों की नजरें सीधीमोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर पर ही रहती है। इस कारण वे काफी देर तक स्क्रीन के संपर्क में रहते हैं। जिसके कारण बच्चों में आंखों से संबंधित कई प्रकार की समस्याएं नजर आने लगी है।

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यह होती है समस्या-

स्क्रीन के सामने रहने के कारण बच्चों की आंखों में दर्द होने लगता है। आंखों से पानी आने लगता है।उन्हें आंखों में खिंचाव महसूस होता है। आंखें लाल होती है। आंखों में भारीपन या थकान होती है। अगर इस प्रकार के लक्षण आपको भी अपने बच्चे में नजर आ रहे हैं। तो आप तुरंत इससे बचाव के उपाय शुरू करें।

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उचित दूरी बनाएं -

बच्चों की आंखों में अगर किसी प्रकार के लक्षण नजर आ रहे हैं। उन्हें किसी प्रकार की समस्या है। तो आप कुछ बातों पर ध्यान देकर उन्हें इस समस्या से बचा सकते हैं। सबसे पहले तो आप बच्चों की आंखों की जांच कराएं। अगर उसमें नंबर आ रहा है। तो उन्हें चश्मा लगवा सकते हैं।और अगर ऐसी कोई समस्या नहीं है। तो आप कम से कम मोबाइल कंप्यूटर और लैपटॉप से बच्चों की दूरी तय करें। यानी कम से कम स्क्रीन से बच्चों की आंखें एक से डेढ़ फिट दूर होना चाहिए। साथ ही स्क्रीन की ब्राइटनेस भी कम रखें। बच्चे जिस कमरे में पढ़ रहे हो। वहां पर्याप्त रोशनी हो। डिजिटल उपकरण लगातार देखने के कारण बच्चों को परेशानी होती है, तो उन्हें बीच-बीच में पलकें झपकाने के लिए कहें। ताकि आंखों में सूखापन और उसके बाद पानी आने की समस्या भी नहीं हो।

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दूर की चीजें देखें-

जब बच्चे लगातार स्क्रीन के सामने बैठ कर पढ़ाई करते हैं। तो आधे से एक घंटे के बाद स्क्रीन से नजर हटाकर दूर की चीजों को देखें। इससे स्क्रीन और आंखों के बीच की कंटीन्यूटी टूट जाएगी।जिससे आंखों पर होने वाला असर कम होगा। इसी के साथ बाजार में एंटी ग्लेयर ग्लासेस भी मिलते हैं। जो डिजिटल डिवाइस से निकलने वाले प्रकाश के ब्लू स्पेक्ट्रम को काफी हद तक रोक देते हैं। जिसकी वजह से आंखों में थकान नहीं होगी।

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हरी सब्जियों का सेवन करें -

जो बच्चे स्क्रीन के सामने काफी देर तक बैठे रहते हैं। उन्हें विटामिन ए से भरपूर चीजें खाना चाहिए।हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन अधिक करना चाहिए। गाजर, पके आम, पपीता खाना चाहिए।इससे विटामिन ए भरपूर मात्रा में मिलता है।

गेम खेलने से बचे -

वैसे ही बच्चों का अधिकतर समय मोबाइल टीवी और लैपटॉप आदि पर भी गुजरता है। इस कारण अब बच्चों को मोबाइल, लैपटॉप पर गेम नहीं खेलना चाहिए। क्योंकि वह काफी देर तक यूं ही स्क्रीन के सामने रहते हैं। मोबाइल को भी आप आंखों के लेवल से कम से कम 15 से 20 डिग्री नीचे रखें। मोबाइल और आंखों के बीच दूरी मेंटेन करना चाहिए। इसके अलावा भी अगर बच्चे की आंखों में कोई तकलीफ है। तो चिकित्सक को दिखाकर उपचार कराएं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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