स्वास्थ्य

बच्चे के डायपर एरिया में लाल चकत्ते, जलन और बेचैनी को न करें नजरअंदाज, एनएचएस ने बताए ये हो सकते हैं Nappy Rash के लक्षण

Nappy Rash Cause : बच्चे के डायपर एरिया में लाल चकत्ते या जलन को बिलकुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए! आइए एनएचएस और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानते हैं कि नैपी रैश (Nappy Rash) के शुरुआती लक्षण और इसे ठीक करने के उपाय क्या-क्या हैं।
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Jun 25, 2026
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बच्चे की पॉटी साफ करने के लिए खुशबूदार वाइप्स की जगह सादे गुनगुने पानी और कॉटन (रुई) का इस्तेमाल करें। - (Photo- Freepik)

Nappy Rash Symptoms: छोटे बच्चे रोकर ही अपनी हर तकलीफ बताते हैं। लेकिन अगर आपका बच्चा पिछले कुछ दिनों से बिना बात के चिड़चिड़ा हो रहा है, दूध पीते समय या सोते समय छटपटा रहा है, तो एक बार उसका डायपर खोलकर जरूर चेक करिए। कहीं उसके डायपर वाले हिस्से (पॉटी और सुसु की जगह) पर लाल-लाल दाने या चकत्ते तो नहीं पड़ गए हैं?

इसे नैपी रैश (Nappy Rash) कहते हैं। यह छोटे बच्चों में होने वाली एक बहुत ही आम समस्या है, लेकिन इसे हल्के में लेना बच्चे की तकलीफ को बढ़ा सकता है। आइए एनएचएस से जानते हैं इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय।

कैसे पहचानें कि बच्चे को नैपी रैश हुआ है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, अगर बच्चे को नैपी रैश हो रहा है, तो आपको उसकी स्किन पर ये बदलाव साफ दिखेंगे;

  • लाल-लाल चकत्ते होना।
  • त्वचा का गर्म होना।
  • छोटे-छोटे दाने या छाले नजर आने लगते हैं।
  • बच्चे का चिड़चिड़ापन होना।

क्यों होते हैं ये रैशेज?

  • लंबे समय तक गीलापन।
  • डायपर बच्चे को बहुत टाइट आ रहा है, तो उठने-बैठने या पैर हिलाने पर वो त्वचा से रगड़ खाता है, जिससे छिलन हो जाती है।
  • केमिकल वाले वाइप्स या साबुन से बच्चे की नाजुक त्वचा पर एलर्जी हो जाती है।
  • अगर बच्चा या दूध पिलाने वाली मां कोई एंटीबायोटिक दवा ले रही है, तो भी बच्चे का पेट खराब होने या थ्रश (एक तरह का इन्फेक्शन) होने से रैशेज का खतरा बढ़ जाता है।

कैसे ठीक करें बच्चे के रैशेज?

NHS की गाइडलाइंस कहती हैं कि ज्यादातर नैपी रैशेज को आप 3 से 4 दिनों में इन आसान तरीकों से ठीक कर सकते हैं;

1. डायपर फ्री टाइम दें- बच्चे को ठीक करने का सबसे बेस्ट तरीका है कि उसे दिन में कुछ देर के लिए बिना डायपर या लंगोट के खुला छोड़ दें। हवा लगने से स्किन अपने आप जल्दी ठीक होती है।

2. जल्दी-जल्दी डायपर बदलें- जैसे ही बच्चा सुसु या पॉटी करे, तुरंत उसका डायपर बदलें। गीलेपन को जमा न होने दें।

3. सिर्फ गुनगुने पानी का इस्तेमाल- बच्चे की पॉटी साफ करने के लिए खुशबूदार वाइप्स की जगह सादे गुनगुने पानी और कॉटन (रुई) का इस्तेमाल करें। साफ करने के बाद रगड़कर पोंछने के बजाय हल्के हाथ से थपथपाकर (Dab करके) सुखाएं।

4. बैरियर क्रीम लगाएं- हर बार डायपर पहनाने से पहले डॉक्टर की सलाह से कोई अच्छी जिंक आधारित (Zinc-based) नैपी रैश क्रीम लगाएं। यह क्रीम त्वचा पर एक सुरक्षा कवच बना देती है जिससे यूरिन सीधे स्किन को टच नहीं कर पाता।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
25 Jun 2026 11:38 am