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बच्चे को तेज बुखार के बाद निकले रैश? यह Roseola हो सकता है, एनएचएस से जानें लक्षण

Roseola Treatment: बच्चे को तेज बुखार के बाद शरीर पर रैश निकल आए हैं? एनएचएस के अनुसार यह Roseola हो सकता है। जानिए इसके लक्षण, कारण और देखभाल के तरीके।
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भारत

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Dimple Yadav

Jun 24, 2026

Viral Rash in Children HHV-6 Infection बच्चों में तेज बुखार Roseola Treatment

बच्चे के शरीर पर दिखाई देने वाले Roseola रैश को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)

Roseola Symptoms: छोटे बच्चों को अचानक तेज बुखार आना माता-पिता के लिए चिंता की बात बन जाता है। लेकिन कई बार इससे भी ज्यादा घबराहट तब होती है, जब बुखार उतरने के बाद बच्चे के शरीर पर लाल या गुलाबी रंग के रैश दिखाई देने लगते हैं। ऐसे में कई माता-पिता इसे एलर्जी, खसरा या किसी गंभीर संक्रमण का संकेत समझ लेते हैं।

हालांकि, एनएचएस (नेशनल हेल्थ सर्विस, यूके) के अनुसार, यह स्थिति रोजियोला (Roseola) नामक एक सामान्य वायरल संक्रमण की वजह से भी हो सकती है। यह बीमारी आमतौर पर 6 महीने से 2 साल तक के बच्चों में देखी जाती है और ज्यादातर मामलों में कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है।

रोजियोला क्या है?

रोजियोला एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से छोटे बच्चों को प्रभावित करता है। इसे कभी-कभी सिक्स्थ डिजीज भी कहा जाता है। यह संक्रमण आमतौर पर मानव हर्पीस वायरस-6 (HHV-6) या हर्पीस वायरस-7 (HHV-7) के कारण होता है। एनएचएस के मुताबिक, इस बीमारी की सबसे खास पहचान यह है कि पहले बच्चे को तेज बुखार आता है और बुखार उतरने के बाद शरीर पर रैश निकल आते हैं।

रोजियोला के शुरुआती लक्षण

रोजियोला की शुरुआत अक्सर अचानक तेज बुखार से होती है।

तेज बुखार- बच्चे को 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक बुखार हो सकता है। यह बुखार आमतौर पर 3 से 5 दिन तक रह सकता है।

चिड़चिड़ापन- बुखार के दौरान बच्चा सामान्य से ज्यादा चिड़चिड़ा या बेचैन हो सकता है।

भूख कम लगना- कुछ बच्चों में खाने-पीने की इच्छा कम हो जाती है।

गले में हल्की खराश- कभी-कभी गले में हल्की परेशानी या नाक बहने जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

बुखार उतरने के बाद क्यों निकलते हैं रैश?

एनएचएस के अनुसार, रोजियोला में रैश आमतौर पर तब दिखाई देते हैं जब बुखार लगभग खत्म हो चुका होता है।

  • गुलाबी या हल्के लाल रंग के हो सकते हैं
  • सबसे पहले छाती, पेट और पीठ पर दिखाई देते हैं
  • बाद में गर्दन, चेहरे और हाथ-पैरों तक फैल सकते हैं
  • आमतौर पर खुजली नहीं करते
  • 2 से 3 दिन में अपने आप गायब हो जाते हैं

यही कारण है कि कई माता-पिता बुखार उतरने के बाद रैश देखकर भ्रमित हो जाते हैं।

क्या रोजियोला खतरनाक है?

अधिकांश बच्चों में रोजियोला हल्का संक्रमण होता है और बिना किसी विशेष इलाज के ठीक हो जाता है। हालांकि, एनएचएस के अनुसार कुछ बच्चों में तेज बुखार की वजह से फीब्राइल सीजर (बुखार के कारण दौरा) पड़ सकता है। यह स्थिति देखने में डरावनी लग सकती है, लेकिन ज्यादातर मामलों में इससे कोई स्थायी नुकसान नहीं होता।

बच्चे की देखभाल कैसे करें?

यदि बच्चे को रोजियोला है, तो उसकी देखभाल घर पर भी की जा सकती है।

  • बच्चे को पर्याप्त आराम दें
  • बार-बार पानी, दूध या अन्य तरल पदार्थ दें
  • बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा दें
  • बच्चे को हल्के और आरामदायक कपड़े पहनाएं

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

तुरंत डॉक्टर की सलाह लें यदि:

  • बच्चा बहुत सुस्त दिखाई दे
  • सांस लेने में परेशानी हो
  • बुखार कई दिनों तक बना रहे
  • बच्चा पानी पीने से मना करे
  • दौरे पड़ें
  • रैश के साथ गंभीर लक्षण दिखाई दें

क्या रोजियोला फैलता है?

यह एक वायरल संक्रमण है और संक्रमित बच्चे के खांसने, छींकने या नजदीकी संपर्क से फैल सकता है। हालांकि, अक्सर संक्रमण उस समय फैलता है जब बच्चे में केवल बुखार होता है और रैश अभी दिखाई नहीं दिए होते।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।