
हाथ, चेहरे और पैरों पर दिखने लगें सफेद पैच हो सकते हैं विटलिगो के लक्षण- (photo- freepik)
World Vitiligo Day 2026: 25 जून को पूरी दुनिया में वर्ल्ड विटिलिगो डे मनाया जा रहा है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, हर 100 में से 1 इंसान (यानी करीब 1% आबादी) इस समस्या से जूझ रहा है। इसके बावजूद, आज भी जब हम किसी के शरीर पर सफेद दाग देखते हैं, तो अजीब तरह से घूरने लगते हैं या उनसे थोड़ा दूर होने की कोशिश करते हैं। चलिए मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक से समझते हैं कि ये बीमारी क्या होती है और क्या ये एक दूसरे को छूने से फैलती है।
हमारी बॉडी में कुछ ऐसे छोटे-छोटे सेल्स होते हैं, जो हमारी स्किन, बालों और आंखों को उनका प्राकृतिक रंग देते हैं। जब ये सेल्स किसी वजह से काम करना बंद कर देते हैं या मरने लगते हैं, तो उस जगह से त्वचा का असली रंग गायब हो जाता है और वहां बिल्कुल सफेद पैच या दाग दिखने लगता है। यह शरीर में कहीं भी हो सकता है, जैसे चेहरे पर, हाथों पर, होंठों पर या पैरों पर।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, इसके पीछे कोई एक पक्की वजह नहीं है, लेकिन ये 3 मुख्य कारण हो सकते हैं;
1. इम्यून सिस्टम का भटक जाना- हमारे शरीर का जो गार्ड (इम्यून सिस्टम) हमें बीमारियों से बचाता है, वो कभी-कभी खुद ही रास्ता भटक जाता है। वो गलती से हमारे ही रंग बनाने वाले सेल्स को दुश्मन समझकर खत्म करने लगता है।
2. फैमिली हिस्ट्री (जींस)- अगर परिवार में पहले माता-पिता या किसी बेहद करीबी को यह दिक्कत रही हो, तो बच्चों में इसके होने का चांस थोड़ा बढ़ जाता है। लेकिन हां, ऐसा हमेशा हो, यह जरूरी नहीं है।
3. अचानक कोई बड़ा झटका लगना- बहुत ज्यादा दिमागी तनाव (स्ट्रैस) लेना, धूप में त्वचा का बुरी तरह झुलस जाना, या किसी बहुत तेज केमिकल के सीधे संपर्क में आने से भी यह शुरू हो सकता है।
इसका साफ और सीधा जवाब है, बिल्कुल भी नहीं! सफेद दाग कोई छुआछूत की बीमारी नहीं है। किसी के साथ बैठने, उनसे हाथ मिलाने, गले मिलने, या एक ही थाली में खाना खाने से यह एक इंसान से दूसरे इंसान में कभी नहीं फैल सकता। इसलिए पीड़ित व्यक्ति से दूरी बनाने की जरूरत नहीं है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
25 Jun 2026 10:33 am
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