Nathalie Baye Death Reason : फ्रेंच की एक्ट्रेस नथाली बे (Nathalie Baye Dies) की मौत पर फ्रांस के राष्ट्रपति ने शोक प्रकट किया है। एक्ट्रेस की मौत शुक्रवार को उनके घर पर डिमेंशिया के कारण हुई है। आइए, डॉ. हिमांशु गुप्ता (आपातकाल मेडिकल एक्सपर्ट) से समझते हैं कि डिमेंशिया कब मौत का कारण बन जाता है।
Nathalie Baye Death Reason : फ्रेंच की एक्ट्रेस नथाली बे (Nathalie Baye) की मौत से सिनेमा जगत दुखी है। कई स्टार शोक प्रकट कर रहे हैं। इनके परिवार की ओर से फ्रेंच न्यूज एजेंसी AFP को बताया गया है कि एक्ट्रेस की मौत शुक्रवार को उनके घर पर डिमेंशिया के कारण हुई है। आइए, डॉ. हिमांशु गुप्ता (आपातकाल मेडिकल एक्सपर्ट) से समझते हैं कि डिमेंशिया कब मौत का कारण बन जाता है।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह एक ऐसी अभिनेत्री थीं, "जिनके साथ हमने प्यार किया, सपने देखे और बड़े हुए।" इनके अलावा भी कई हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी है।
फ्रेंच और हॉलीवुड जगत की फेमस एक्ट्रेस थीं नथाली बे (77 वर्ष)। मिथ तोड़ने वाली एक्टिंग के लिए मशहूर थी। इनके किरदारों ने कथित तौर पर अच्छी लड़की की परिभाषा को बदलने का काम किया। इस तरह से "बैड गर्ल" बनकर लड़कियों और महिलाओं के अधिकार-आजादी की बात की।
नथाली ने अपने करियर की शुरुआत एक डांसर के रूप में की थी, जिसके बाद उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा।
'La Balance' (1982) फिल्म में उन्होंने एक वेश्या का रोल किया, जिसके लिए उन्हें 'बेस्ट एक्ट्रेस' का सेजर अवॉर्ड मिला। यह उनके करियर का एक बड़ा साहसिक कदम था। फ्रांस के ऑस्कर माने जाने वाले सेजर (Cesar) पुरस्कारों में उन्होंने चार बार अभिनय का खिताब जीता।
उनकी फिल्में अक्सर 'इंटीमेट' और मनोवैज्ञानिक गहराई वाली होती थीं। 'Day for Night' (1973) में कमाल का काम किया, उन्होंने एक स्क्रिप्ट गर्ल का किरदार निभाया, जो उनके करियर का टर्निंग पॉइंट था।
कहा जाता है कि 1980 के दशक में वो अपने किरदार से कई सामाजिक मिथ को तोड़ने का काम कीं।
डॉ. गुप्ता पत्रिका के साथ बातचीत में कहते हैं, अक्सर डिमेंशिया को लेकर लोग लापरवाह नजर आते हैं। उनका मानना है कि इससे सिर्फ याद्दाश्त पर असर होगा। जबकि, ये इससे कई गुना अधिक घातक है। इसलिए, डिमेंशिया साइलेंट किलर की तरह ही है।
वो आगे कहते हैं, डिमेंशिया अपने आप में सीधे तौर पर मौत का कारण नहीं बनता है, बल्कि यह शरीर की कार्यक्षमता को इतना कमजोर कर देता है कि व्यक्ति अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं (Complications) का शिकार हो जाता है।
डिमेंशिया अपने लास्ट या एडवांस्ड में पहुंचता है, तो मस्तिष्क के वे हिस्से भी काम करना बंद कर देते हैं। इसके असर शरीर पर पड़ता है जो कई बीमारियों का कारण बनता है-
सलाह- अगर डिमेंशिया के बारे में पता चलता है तो आपको बिल्कुल लापरवाही नहीं करनी चाहिए। अगर शुरुआत में ही इसका इलाज किया जाए तो काफी हद तक मरीज को ठीक किया जा सकता है।