National Epilepsy Day:मिर्गी सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक स्थिति है जो जीवन के कई पहलुओं को प्रभावित कर सकती है। हैरानी की बात यह है कि करीब 44% लोग खुद को मिर्गी होने की शुरुआती पहचान तक नहीं कर पाते।
National Epilepsy Day: राष्ट्रीय मिर्गी दिवसके अवसर पर जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। मिर्गी एक ऐसी बीमारी है जो अक्सर छुपकर शरीर में रहती है और 44% लोग इसके संकेतों को पहचान ही नहीं पाते। शुरुआत में इसके लक्षण मामूली लग सकते हैं, इसलिए समय रहते पहचान और सही बचाव बेहद महत्वपूर्ण है। इस लेख में हम जानेंगे मिर्गी के प्रमुख लक्षण, इसे पहचानने के तरीके और सुरक्षित रहने के उपाय।
आईजीआईएमएस के न्यूरोलॉजी विभाग के हेड डॉ. अशोक कुमार के नेतृत्व में 310 मरीजों पर किए गए अध्ययन से पता चला है कि मिर्गी (एपिलेप्सी) से पीड़ित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अध्ययन के अनुसार, देश में लगभग 1% आबादी, यानी करीब 12 मिलियन लोग, इस बीमारी से प्रभावित हैं। मिर्गी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, चाहे वह बच्चा हो, युवा हो या बुजुर्ग।
मिर्गी एक दीर्घकालिक मस्तिष्क विकार है जिसमें मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि अचानक बदलने लगती है, जिससे बार-बार दौरे (seizures) पड़ते हैं। ये दौरे हल्की संवेदनाओं से लेकर बेहोशी तक हो सकते हैं। यह दुनिया के सबसे आम न्यूरोलॉजिकल विकारों में से एक है और लाखों लोगों को प्रभावित करता है।