
Newborn Hypothermia Cause: जब घर में कोई छोटा बच्चा यानी नवजात शिशु जन्म लेता है, तो पूरा परिवार खुशियों से झूम उठता है। बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए हम हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखते हैं। लेकिन जर्नल नेचर (Nature) पर प्रकाशित हालिया स्टडी से एक खुलासा हुआ है।
रिसर्च के अनुसार, 66% से भी ज्यादा नवजात बच्चे हाइपोथर्मिया (Hypothermia) का शिकार हो जाते हैं। आइए समझते हैं कि यह हाइपोथर्मिया क्या है, बच्चों के लिए क्यों खतरनाक है और थर्मल प्रोटेक्शन (बच्चे को गर्म रखना) क्यों इतना जरूरी है।
जब किसी शरीर का तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस (97.7 डिग्री फारेनहाइट) से कम होने लगता है, तो उस स्थिति को हाइपोथर्मिया कहते हैं। रिसर्च बताती हैं कि मां के गर्भ के अंदर का माहौल बहुत गर्म और सुरक्षित होता है। लेकिन जैसे ही बच्चा इस दुनिया में बाहर आता है, बाहर का तापमान अंदर के मुकाबले काफी कम होता है। चूंकि, नवजात बच्चों का शरीर पूरी तरह विकसित नहीं होता, इसलिए वे वयस्कों (बड़ों) की तरह अपने शरीर का तापमान खुद कंट्रोल नहीं कर पाते। वे बहुत जल्दी अपनी गर्मी खो देते हैं, जिससे उनका शरीर ठंडा पड़ने लगता है।
थर्मल प्रोटेक्शन का सीधा-सा मतलब है, बच्चे के शरीर की गर्मी को बनाए रखना और उसे ठंडा होने से बचाना। WHO की गाइडलाइन के अनुसार, जन्म के शुरुआती कुछ घंटे और दिन बच्चे के लिए सबसे नाजुक होते हैं। अगर बच्चे को सही थर्मल प्रोटेक्शन न मिले, तो हाइपोथर्मिया के कारण उसका इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिससे उसे दूसरे गंभीर इंफेक्शन होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। गंभीर मामलों में यह बच्चे के अंगों पर भी असर डाल सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।