Nipah Virus Alert: निपाह वायरस इतना घातक और जानलेवा है कि 12 से 14 घंटों के अंदर इससे संक्रमित व्यक्ति कोमा के अंदर जा सकता है। बंगाल के नदिया जिले में स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेष टीम का गठन किया है। आइए जानते हैं कि निपाह वायरस क्या होता है? इसके लक्षण और बचाव क्या होते हैं और यह कैसे फैलता है?
Nipah Virus Alert: हाल ही में बहुत तेजी से फैलता हुआ चर्चा का विषय बना हुआ है निपाह वायरस। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेष जांच टीम का गठन किया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सामान्य रूप से स्थानीय चमगादड़ों में भी यह वायरस पाया जाता है क्या? निपाह एक जानलेवा संक्रमण है और इसकी मृत्यु दर भी 45 से 75% है जो आम वायरस से कहीं ज्यादा है। 12 से 14 घंटों के अंदर इससे संक्रमित व्यक्ति कोमा के अंदर जा सकता है। आइए जानते हैं निपाह वायरस क्या है? इसके कारण क्या होते हैं? निपाह वायरस के लक्षण और बचाव के उपाय क्या होते हैं?
निपाह वायरस एक बेहद खतरनाक और जानलेवा बीमारी है। यह एक 'जुनोटिक' (Zoonotic) बीमारी यानी कि यह बीमारी जानवरों से इंसानों में फैलती है। निपाह वायरस का सबसे बड़ा स्रोत 'टेरोपस' प्रजाति के चमगादड़ होते हैं। इस वायरस की विशेष बात यह भी है कि यह वायरस सूअर, बिल्लियों और कुत्तों के माध्यम से भी इंसान तक पहुंच सकता है।
हर वायरस के फैलने का तरीका अलग-अलग होता है। ऐसे ही इस वायरस के फैलने का तरीका भी सबसे अलग है और वह यह है कि यह वायरस फलों के माध्यम से फैलता है यानी जब किसी फल पर चमगादड़ की लार लग जाए और फिर उसी फल को इंसान खाता है तो यह वायरस इंसान तक फैल जाता है। खजूर के कच्चे रस से भी यह वायरस फैलता है क्योंकि उसमें भी चमगादड़ के मल-मूत्र के अंश होते हैं। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से भी वायरस कोरोना की तरह फैलता है।
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालिफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।